हाईकोर्ट ने अधिक नंबर पाने वाले आरक्षित वर्ग को साक्षात्कार के लिए दिया आदेश

  • राष्ट्रीय चेतना परिषद के पदाधिकारी और

– राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद ने चलाई थी मुहिम

– संगठन के संयोजक मनोज यादव की भूमिका अहम

– फैसले से निराश छात्रों में न्याय के प्रति उम्मीद जगी

– अधिक नंबर होने के बाद भी आरक्षित रोकने का मामला

  • अखिलेश कृष्ण मोहन, लखनऊ

इलाहाबाद/लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्चतर शिक्षा आयोग के खिलाफ राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद के एक जनहित मामले में राहत दी है। कहा जा सकता है कि इस मामले में राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद की जीत हुई है। मामले को लेकर अब अन्य छात्र भी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, उच्चतर शिक्षा आयोग ने असिस्टेंड प्रोफेसर की भर्ती के मामले में उन छात्रों को भी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया था, जो आरक्षित वर्ग के थे और सामान्य वर्ग के छात्रों से अधिक नंबर प्राप्त किए थे। सामान्य वर्ग के 103 कटऑफ वालों को बुला लिया गया था, लेकिन इससे अधिक अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग को नहीं बुलाया गया था।

मनोज यादव ने फर्क इंडिया को बताया कि छात्रों के हक की यह लड़ाई बहुत से छात्र-छात्राओं के लिए नजीर बनेगी, जो सामान्य वर्ग से अधिक नंबर पाने के बाद भी निराश होकर नौकरी से हाथ धो देते थे। उन्हें या तो साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया जाता था या उन्हें रिजल्ट से बाहर कर दिया जाता था।

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