कर्नाटक में हिजाब मुद्दे को लेकर राजनीति गर्मायी हुई है। इसी बीच कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि हम याचना से नहीं, बल्कि कानून से सरकार चलाते हैं। साथ ही बताया कि परीक्षा केंद्रों में हिजाब की अनुमति नहीं होगी।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से हिजाब मुद्दे को लेकर तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई गई थी। हालांकि, कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। उस वक्त कोर्ट ने कहा था कि होली की छुट्टी के बाद सुनवाई के लिए बेंच का गठन करेंगे।
‘परीक्षा केंद्र में हिजाब की अनुमति नहीं’
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हर एक कवर को 3 विद्यार्थियों के दस्तखत के बाद ही कक्षा में खोला जाएगा। परीक्षा हॉल के अंदर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की इजाजत नहीं है। सुरक्षा जांच से गुजरने का बाद हॉल में 15 मिनट पहले बैठ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम याचना से सरकार नहीं चला रहे हैं, हम देश के कानूनों पर सरकार चला रहे हैं। परीक्षा केंद्र में हिजाब की अनुमति नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर हिजाब मामला
सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि होली के बाद इस मामले के लिए पीठ का गठन किया जाएगा। दरअसल, याचिकाकर्ता ने परीक्षा का हवाला देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की थी और कहा था कि छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
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