Thursday , November 28 2024

1अक्टूबर में दिल्ली में पेंशन शंखनाद महारैली में लाखों-लाख कर्मचारी, शिक्षक होंगे शामिल/ सभी कर्मचारी, शिक्षक संगठनों से शामिल होने के लिये किया आह्वान/ वोट फॉर OPS का अभियान जारी रहेगा -विजय कुमार बन्धु

 

लखनऊ।।अटेवा-पेंशन बचाओ मंच,उ0प्र0 व NMOPS के तत्वावधान में 1 अक्टूबर 2023 को नई दिल्ली में होने वाली पेंशन शंखनाद महारैली की तैयारियों को लेकर डी0पी0ए0सभागार ल0वि0वि0में बैठक का आयोजन ल0वि0वि0कर्मचारी परिषद द्वारा किया गया। बैठक
को संबोधित करते हुए अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष व NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि अटेवा/NMOPS पूरे देश में NPS व निजीकरण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है जिसके परिणामस्वरूप आज कई राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल हो गई है कई राज्यो मे होने वाली है । नई दिल्ली में होने वाली पेंशन शंखनाद महारैली में लाखों की संख्या में देश भर से शिक्षक व कर्मचारी भाग लेंगे।


प्रदेश महामंत्री डॉ0 नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि भारत सरकार पुरानी पेंशन बहाल न कर कर्मचारियों व शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है अगर सरकार ने लोकसभा चुनाव के पहले पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो कर्मचारी व शिक्षक लोकसभा चुनाव में वोट की चोट करेगा इसके लिये वोट फ़ॉर OPS अभियान चलाया जाएगा। कर्मचारी परिषद अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में पुरानी पेशन बहाली की लड़ाई अटेवा व NMOPS लड़ रहा है सभी कर्मचारी व शिक्षक अटेवा का साथ दें।

कर्मचारी परिषद के महामंत्री डॉ0संजय शुक्ला ने कहा कि 1 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली पेंशन शंखनाद रैली को लेकर सभी विभागों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर दिल्ली की सरकार को अपनी ताकत दिखाकर पुरानी पेंशन बहाल कराना है। कार्यक्रम में सभी कर्मचारियों का आभार प्रकट करते हुए डॉ0राजेश कुमार ने कहा कि सभी शिक्षक ,कर्मचारी व अधिकारी संगठनों से 1 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली महारैली में सहयोग व समर्थन मांगा।

बैठक में प्रमुख रूप से सी0पी0सिंह, अभिषेक सिंह,अमित कुमार सक्सेना, शिवानंद द्विवेदी, बाबु लाल, के0पी0सिंह, दिनेश वाल्मीकि, अमित सक्सेना, मुकेश धर दुबे, बच्चा सिंह, अशोक कुमार, सोमनाथ, अमित कुमार, पवन कुमार, लाल बाबू ओझा, के साथ ही भगवानदीन, नरेंद्र प्रताप सिंह,राजेश सिंह, जे0पी0सिंह, रक्षा राम, गोपाल सिंह, रविन्द्र वर्मा , अणिमा शुक्ला, वंदना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।