ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को चौथे राष्ट्रीय चिल्ला पक्षी महोत्सव का उद्धाटन किया। सीएम पटनायक ने कार्यक्रम के लिए पर्यटन विभाग, चिल्का विकास प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एक उभरता हुआ पक्षी केंद्र ओडिशा की टोपी में एक और पंख जोड़ने का काम करता है। गौरतलब है कि कई प्रजातियों के दस लाख से अधिक पक्षी यहां पहुंचते हैं। खास बात यह है कि चिल्का झील एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।
हमारे यहां बड़ी संख्या पक्षी निवास करते हैं- पात्रा
कार्यक्रम के दौरान फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय कार्यक्रम में पूरे भारत से 52 चयनित पक्षी प्रेमियों की भागीदारी देखी गई। पर्यटन मंत्री अश्विनी कुमार पात्रा ने कहा कि भले ही जगंलों में मौजूद वन्यजीव हमारी नजरों से ओझल हैं, लेकिन ओडिशा गर्व से एक पक्षी पालन केंद्र होने का दावा करता है। आर्द्रभूमि के बचाव में किए गए प्रयास के लिए मैं सरकार को धन्यवाद देता हूं। साल की जनगठना में 187 से अधिक प्रजातियों में कुल 11.37 लाख पक्षियों की संख्याम सामने आई हैं।
पारिस्थितिकी तंत्र के संचालन के लिए पर्यटन विभाग की सराहना
ओटीडीसी के अध्यक्ष डॉ. लेनिन मोहंती ने बेजोड़ प्रचार और प्रसार के माध्यम से पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र के शानदार संचालन के लिए ओडिशा पर्यटन की सराहना की। डॉ. मोहंती ने कहा, चिल्का में मंगला जोडी समुदाय के नेतृत्व वाले संरक्षण का एक शानदार उदाहरण है, जिसने खुद को एक बेजोड़ पक्षी-दर्शन स्थल के रूप में स्थापित किया है। यहां से अतिक्रमण हटाने जैसी पहल से लेकर हाल की व्यापक जनगणना गतिविधियों और राष्ट्रीय चिल्का पक्षी महोत्सव जैसे प्रचार अभियानों तक, हमारा सामूहिक लक्ष्य ओडिशा को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे अधिक मांग वाले पक्षी केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
गौरतलब है कि उद्घाटन समारोह में स्टेट ऑफ इंडियाज बर्ड्स का पोस्टर और वीडियो लॉन्च किया गया। स्टेट ऑफ इंडियाज बर्ड्स वीडियो में उस वैज्ञानिक रिपोर्ट को शामिल किया गया है जो भारत के पक्षियों का आकलन करती है।
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