मेघालय में भारत और फ्रांस का युद्धाभ्यास ‘शक्ति’ 13 मई से 26 मई तक चलेगा। इस दौरान दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के साथ श्रेष्ठ सैन्य क्षमताओं और युद्धनीति को साझा करेंगे।
भारत और फ्रांस की सेनाओं ने सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए मेघालय में युद्धाभ्यास ‘शक्ति’ की शुरुआत हुई है। यह दोनों सेनाओं के युद्धाभ्यास ‘शक्ति’ का सातवां संस्करण है। यह युद्धाभ्यास दोनों मित्र राष्ट्रों की सैन्य क्षमताओं और सैन्य सहयोग को बढ़ाने के साथ साथ दिव्पक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया है। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार युद्धाभ्यास ‘शक्ति’ 13 मई से 26 मई तक चलेगा। इस दौरान दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के साथ श्रेष्ठ सैन्य क्षमताओं और युद्धनीति को साझा करेंगे।
युद्धाभ्यास में इन रणनीतियों पर होगा काम
इस सामरिक अभ्यास के दौरान आतंकी हमलों का जवाब देना और उनके ठिकानों पर कब्जा करने की रणनीतियों पर काम किया जाएगा। दोनों सेनाओं द्वारा संयुक्त कमांड पोस्ट को तैयार करना, खुफिया और सर्विलांस सेंटर को स्थापित करना, हेलीपैड या लैंडिंग साइट को सुरक्षित करने के अलावा ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का उपयोग करने का भी काम किया जाएगा।
शक्ति युद्धाभ्यास का सातवां संस्करण
शक्ति युद्धाभ्यास भारत और फ्रांस दोनों देशों में ही आयोजित करवाया जाता है। इसका छठा संस्करण 2021 नवंबर में फ्रांस में आयोजित किया गया था। अब इसका सातवां संस्करण मेघालय के उमरोई में आयोजित किया जा रहा है। सामरिक अभ्यास के लिए पूर्ण रूप से विकसित और आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर तैयार किया गया है।
रक्षा मंत्रालय का बयान
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ‘शक्ति’ संयुक्त अभ्यास से भारत और फ्रांस के सशस्त्र बलों के बीच आपसी सहयोग और सौहार्द बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस सामरिक अभ्यास से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भी बढ़ेगा। इस तरह से दोनों मित्र देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
शक्ति युद्धाभ्यास के उद्घाटन समारोह में भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी मथाओ और भारतीय सेना के 51 सब एरिया कमांड के कमांडर मेजर जनरल प्रसन्ना सुधाकर जोशी मौजूद रहे।
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