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हाथरस मामले में एसआईटी ने शासन को सौंपी 855 पेज की रिपोर्ट

हाथरस भगदड़ मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट 855 पेज की है। इसमें 132 लोगों के बयान दर्ज है। विशेष जांच दल ने इस मामले में जांच करते हुए लोगों से पूछताछ की और 132 लोगों के बयान दर्ज किए। रिपोर्ट के बाद अब कई अफसरों पर गाज गिरेगी। शासन स्तर पर अध्ययन करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

एडीजी आगरा जोन और मण्डलायुक्त को दी थी जिम्मेदारी
जानकारी देते हुए सूचना निदेशक शिशिर ने कहा, “एसआईटी ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।” हालांकि, उन्होंने रिपोर्ट के बारे में विस्तार से नहीं बताया। घटना के पीछे की वजहों की जांच के लिए गठित एसआईटी में आगरा जोन की अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अनुपम कुलश्रेष्ठ और अलीगढ़ मंडल आयुक्त शामिल थे।

न्यायिक आयोग भी कर रहा हादसे की जांच
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त आईपीएस हेमंत राव और सेवानिवृत्त आईपीएस भवेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक अलग न्यायिक आयोग भी हाथरस भगदड़ मामले की जांच कर रहा है। हाथरस के सिकंदराराऊ इलाके में गत दो जुलाई को प्रवचन कर्ता हरि नारायण साकार विश्व हरि उर्फ ‘भोले बाबा’ के सत्संग के समापन के दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी।

साजिश समेत हर पहलू की जांच की जाएगीः योगी
इस मामले मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा था कि मामले में साजिश समेत हर पहलू की जांच की जाएगी। एडीजी कुलश्रेष्ठ ने गत पांच जुलाई को बताया था कि उन्होंने भगदड़ में साजिश के पहलू से इनकार नहीं किया है और कहा था कि घटना के लिए आयोजकों को दोषी ठहराया गया है। पुलिस समेत सरकारी एजेंसियों ने दो जुलाई के कार्यक्रम में कुप्रबंधन के लिए अभी तक आयोजकों को ही जिम्मेदार ठहराया है। कार्यक्रम में भीड़ अनुमानित संख्या 80,000 से बढ़कर 2.50 लाख से अधिक हो गई। हालांकि, छह जुलाई को ‘स्वयंभू’ बाबा के वकील ने दावा किया था कि ‘कुछ अज्ञात लोगों’ द्वारा छिड़के गए ‘किसी जहरीले पदार्थ’ के कारण भगदड़ मची। भगदड़ के सिलसिले में अब तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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