वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत की भूमिका को सशक्त करने का संकल्प
घरेलू स्तर पर ऊर्जा अन्वेषण, स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार और स्थिर मूल्य निर्धारण से आत्मनिर्भर हो रही भारत की ऊर्जा
रीता कृष्ण मोहन
बैतूल (गोवा)। वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत की भूमिका को सशक्त करने के संकल्प के साथ शुक्रवार को गोवा में चल रहा भारत ऊर्जा सप्ताह का समापन हो गया। ऊर्जा विशेषज्ञों ने माना कि घरेलू स्तर पर ऊर्जा अन्वेषण, स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार और स्थिर मूल्य निर्धारण से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
नए संकल्प को हर हाल में पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में निरंतर प्रदर्शन किया है । आगे भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा चर्चा में केंद्रीय भूमिका निभाता रहेगा। भारत की ऊर्जा रणनीति विविधीकरण, लचीलेपन और दूरदर्शी बदलावों पर आधारित है। पुरी ने कहा कि देश आज तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता, चौथा सबसे बड़ा शोधक और पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष निर्यातकों में से एक है। उन्होंने पारंपरिक ईंधनों में निरंतर निवेश के साथ-साथ संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी), हरित हाइड्रोजन और स्वदेशी स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर सरकार के प्रयासों पर भी जोर दिया। कहा कि पारंपरिक ऊर्जा आवश्यक बनी रहेगी, लेकिन एथेनॉल मिश्रण से लेकर सीबीजी, हाइड्रोजन और जैव ईंधन तक, हम जो प्रगति कर रहे हैं, उससे हमें विश्वास है कि हरित ईंधन की भूमिका और भी बढ़ेगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने भारत की विकास यात्रा को गति देने के लिए सरकार की योजना प्रस्तुत की। सचिव ने कहा, 7 प्रतिशत से अधिक की अनुमानित आर्थिक वृद्धि के साथ, ऊर्जा की मांग में तीव्र वृद्धि होगी।


नवाचार करने वालों को मिला सम्मान
भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के समापन समारोह में ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार करने वाले, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत की हस्तियों को सम्मानित किया गया।
मिनिमिन्स क्लीनटेक सॉल्यूशंस के हार्दिक और अनुपम कुमार को लिथियम-आयन बैटरियों से उच्च-मूल्य वाली सामग्रियों की कम कार्बन वाली रिकवरी प्रदान करने और सौर पैनलों, उत्प्रेरक कन्वर्टर्स और स्थायी चुंबकों में विस्तार के लिए, सुरुचि राव, कमर सुहैल बाशा को औद्योगिक अपशिष्ट जल को हरित हाइड्रोजन में परिवर्तित करने के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड को वर्ष की अन्वेषण कंपनी और ऑयल इंडिया लिमिटेड को वर्ष की तेल एवं गैस उत्पादन कंपनी का पुरस्कार दिया गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जामनगर सेज रिफाइनरी को वर्ष की रिफाइनरी के रूप में मान्यता दी गई, जबकि नवाचार नेतृत्व के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के आर डी डिवीजन और मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के इनोवेशन सेंटर को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।इंडिया एनर्जी वीक 2026 का समापन भारत की ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए ऊर्जा सुरक्षा, किफायतीपन और स्थिरता के संतुलन में सक्षम, स्थिर, विश्वसनीय और व्यावहारिक ऊर्जा नेता के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने के उदघोष के साथ हुआ।
