दरभंगा के भूमि सुधार जनसंवाद में डिप्टी सीएम ने सीओ रणधीर कुमार से स्पष्टीकरण मांगा और बहादुरपुर के अमीन के तबादले का आदेश दिया। जनसंवाद में जमीन विवाद, दाखिल-खारिज और कब्जे की शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं।
दरभंगा के ऑडिटोरियम में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने जिले के 18 प्रखंडों से आए लोगों की भूमि से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई की। इस जनसंवाद में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और राजस्व व्यवस्था से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतें सामने रखीं।
सीओ पर शिकायतों की भीड़, जवाब तलब सुनवाई के दौरान सदर प्रखंड के अंचलाधिकारी रणधीर कुमार के खिलाफ शिकायत करने वालों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लगातार सामने आ रही शिकायतों का मौके पर समाधान नहीं होने पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई और सदर प्रखंड के सीओ रणधीर कुमार से स्पष्टीकरण मांगते हुए जवाब तलब किया।
अमीन के तबादले का आदेश जनसंवाद के दौरान बहादुरपुर प्रखंड में तैनात अमीन को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। लोगों ने आरोप लगाया कि अमीन ने अपने ही गांव में तैनाती करवा रखी है और जमीन से जुड़े मामलों में लोगों को परेशान करता है। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने संबंधित अमीन के तबादले का आदेश दिया।
दाखिल-खारिज में अनियमितता के आरोप शिकायतकर्ता विकास कुमार ने सदर सीओ पर आरोप लगाया कि दाखिल-खारिज के मामलों में वे दूसरे पक्ष से मिलकर प्रकरण को लंबे समय तक अटकाए रखते हैं और बाद में आवेदन को खारिज कर दिया जाता है। इसी तरह गुंजन कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी निजी जमीन को सीओ और अमीन की मिलीभगत से सैरात वाली जमीन घोषित कर दिया गया। बार-बार सीओ कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद जनसंवाद से पहले उनका आवेदन भी खारिज कर दिया गया।
कब्जे की पीड़ा और वर्षों पुराने दस्तावेज जनसंवाद में पहुंचे विकास कुमार ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले जमीन खरीदकर मकान बनाया था, लेकिन निर्माण के बाद दबंगों ने मकान पर कब्जा जमा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी जमीन के सभी कागजात वर्ष 1969 से लेकर अब तक अपडेट हैं और उनके पक्ष में हैं, इसके बावजूद उन्हें आज तक जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया जा सका। जब भी वे दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करते हैं, उसे खारिज कर दिया जाता है।
