मुजफ्फरपुर में माह के पहले दिन AQI 250 के पार पहुंच गया। सर सैयद कॉलोनी में AQI 300 दर्ज हुआ। प्रदूषण गंभीर श्रेणी में है। नगर निगम छिड़काव कर रहा है, लेकिन राहत सीमित बनी हुई है।
मुजफ्फरपुर में प्रदूषण से फिलहाल राहत के संकेत नहीं दिख रहे हैं। माह के पहले ही दिन शहर की हवा एक बार फिर गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों ने नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि शहर का औसत AQI 250 के पार पहुंच गया है।
रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज हुआ AQI
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार मुजफ्फरपुर का समग्र AQI 255 दर्ज किया गया है। शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब से लेकर बेहद गंभीर श्रेणी में रही। सबसे अधिक प्रदूषण सर सैयद कॉलोनी में दर्ज किया गया, जहां AQI 300 तक पहुंच गया।
विभिन्न इलाकों में प्रदूषण की स्थिति
शहर के अतरदाह इलाके में AQI 258, बुद्धा कॉलोनी में 264 और समाहरणालय क्षेत्र में 257 दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि शहर के अधिकांश हिस्सों में हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है और प्रदूषण व्यापक स्तर पर फैला हुआ है।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
जहां एक ओर लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली है, वहीं माह के पहले दिन बढ़े प्रदूषण ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खराब हवा के कारण सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे खासकर बुजुर्गों और बच्चों पर असर पड़ सकता है।
नगर निगम के प्रयास और सीमाएं
प्रदूषण को नियंत्रित करने में नगर निगम प्रशासन फिलहाल बेबस नजर आ रहा है। निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रिंकल वैन के जरिए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन यह उपाय लंबे समय तक कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। कुछ ही घंटों बाद फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।
अलर्ट मोड में प्रशासन
AQI के चिंताजनक स्तर पर पहुंचने के बाद नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सभी क्षेत्रों में पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके और हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार लाया जा सके।
