लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उप सभापति समेत देश के कई दिग्गजों की उपस्थिति में शनिवार को पटना स्थित बिहार विधानसभा में बड़ा कार्यक्रम हो रहा है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि आज का दिन बेहद ही खास है।
बिहार विधानसभा स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को बिहार विधानमंडल स्थित सेंट्रल हॉल में “सशक्त विधायक-सशक्त लोकतंत्र” विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। बिहार विधानमंडल परिसर पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रगान के बाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नेवा (नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन) द्वारा संचालित ‘डिजिटल हाउस’ का उद्घाटन किया। साथ ही एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने की।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार स्वागत भाषण में कहा कि यहां आए अतिथियों का स्वागत है। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम में है। लोकतंत्र जनता की आवाज को जोड़ता है। बिहारवासियों को विशेष आभार व्यक्त करता हूं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अनुभव बहुत अधिक है, जिसका लाभ हम सभी को मिलेगा। सभी सदस्यों से आशा करता हूं कि सदन का सम्मान बढ़ाएंगे। आज का यह आयोजन लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।
‘यदि यह परंपरा नहीं बनी, तो हमें भी लोग भूल जाएंगे’
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि कुछ आवश्यक कार्यों के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मैं उनकी उपस्थिति दर्ज करा रहा हूं। उन्होंने बताया कि पहली बार वर्ष 2020 में ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष बने। उनके अध्यक्षता काल में हमें बहुत कार्य करने का अवसर मिला। उनकी नेतृत्व क्षमता को हमने नज़दीक से देखा है। आज एक बार फिर ऐसा अवसर प्राप्त हुआ है, इसके लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार जी का मैं धन्यवाद करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन बिहार विधान मंडल का भी कार्यक्रम होना चाहिए, ताकि सभी लोगों की आपस में मुलाकात हो सके। जो आज सुर्खियों में हैं, वे कल भूतपूर्व हो जाते हैं और बाद में इतिहास बन जाते हैं। ऐसा आयोजन होना चाहिए जिसमें पूर्व मंत्री और विधायक भी शामिल हों, जिससे वातावरण सुखद लगे। एक दिन का कार्यक्रम तय किया जाए, जिसमें सभी वर्तमान और पूर्व मंत्री एवं विधायक आपस में मिल सकें। इससे एक अलग ही नज़ारा देखने को मिलेगा। यदि यह परंपरा नहीं बनी, तो हमें भी लोग भूल जाएंगे। इसलिए एक निश्चित तिथि तय होनी चाहिए, ताकि बिहार विधानसभा के वर्तमान और पूर्व सदस्यों को आपस में मिलने-जुलने का अवसर मिल सके।
’20 माह इस मंदिर का सेवा करने का मौका मिला’
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 243 विधायक हैं। 41 लगातार सदन में आएं हैं। पहली बार कम उम्र में हमें बिहार विधानसभा अध्यक्ष बनने का मौका मिला। हम सोच रहे थे कि हम कैसे चलाएंगे। 20 माह इस मंदिर का सेवा करने का मौका मिला। सीएम नीतीश कुमार का सहयोग मिला। हमने भी सभी विधायकों को पूरा सहयोग किया। एक सदस्य ने भगवान राम को काल्पनिक कहा। संविधान के मूल पत्रों में भगवान राम, मां सीता और लक्ष्मण का वर्णन व चित्र है। भगवान बुद्ध समेत कई भगवान की चर्चा है। सभी मूल पत्रों को मंगवाया।
जानिए, कौन कौन शामिल हुए कार्यक्रम में कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव की भी गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बिहार मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, विधानसभा एवं विधान परिषद के सभी सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
