मुजफ्फरपुर शहर में प्रदूषण ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फरवरी महीने में शहर की हवा सबसे ज्यादा खराब दर्ज की गई है। प्रदूषण का स्तर अति खराब श्रेणी में पहुंच गया है और शहर का AQI 439 से अधिक दर्ज किया गया, जो इस महीने का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। प्रदूषण से लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है और शहर की हवा एक बार फिर बेहद दमघोंटू हो गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम प्रशासन अब इसकी रोकथाम में जुट गया है।
दूसरी बार इस साल दर्ज हुआ इतना खराब AQI
बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि इस साल दूसरी बार शहर का AQI सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों ने एक बार फिर नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ये आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर आधारित हैं। इनके अनुसार मुजफ्फरपुर जिले में प्रदूषण का स्तर 439 दर्ज किया गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में भी स्थिति बेहद खराब रही। मिठनपुरा में AQI 416, ब्रह्मपुरा-दाउदपुर में AQI 406, बुद्ध कॉलोनी में AQI 409 और अरारदह में AQI 413 दर्ज किया गया है।
ठंड से कुछ राहत मिलने के बाद प्रदूषण की यह मार लोगों के लिए एक नई परेशानी बन गई है। इसके चलते सांस से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी काफी बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में धूल, मिट्टी और अन्य कणों की वजह से हालात और बिगड़ गए हैं और मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
नगर निगम की कोशिशें बेअसर
प्रदूषण पर काबू पाने में नगर निगम प्रशासन फिलहाल बेबस नजर आ रहा है। नगर निगम की ओर से शहर के अंदर स्प्रिंकल वैन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन यह उपाय अब बेअसर साबित हो रहा है। प्रदूषण के इस खतरनाक आंकड़े के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और एक बार फिर इसे रोकने के लिए ठोस योजना के साथ कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नगर निगम की टीम बड़ी तैयारी में जुट गई है।
