झूठे आंकडो और खोखले दावों का बजट है – अजय राय
हर बार की तरह ये बजट भी आम जनता की आकांक्षाओं से कोसों दूर है-अजय राय
लखनऊ। कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पूर्व मंत्री ने आज उ0प्र0 विधानसभा में पेश हुए आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि योगी सरकार ने साल दर साल बजट सरेंडर का एक नया खेल शुरू किया है। हर अप्रैल माह में पिछले बजट का लगभग 30 प्रतिशत पैसा सरेंडर कर दिया जाता है। इस लिहाज से जो भी बजट पेश होता है उसे हमें 30 प्रतिशत कम करके आंकना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले बजट के नौ माह बीत चुके हैं लेकिन अभी भी ढेरों विभाग अपने आवंटित बजट का 40 प्रतिशत भी नहीं खर्च कर पायें हैं।
अजय राय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मनरेगा को खत्म करने की एक सुनियोजित साजिश हो रही है जैसे पिछले बजट के मुकाबले इस वर्ष लगभग 6 करोड़ 21 लाख कम मानव दिवस सृजित किए गए।
राय ने कहा कि 60 जनपदों के जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कालेजों का जामा पहना दिया गया है जिनका असली सच ये है कि उनमें अभी भी मूलभूत सुविधाएं तक मौजूद नहीं हैं।
राय ने कहा कि प्रदेश के 37 पिछड़े जिले पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड में हैं, मगर बजट में इन जिलों के लिए किसी विशेष पैकेज का प्रावधान नहीं है।
राय ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत एक लाख सूक्ष्य उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है मगर आवंटित बजट सिर्फ 1000 करोड़ रूपये ही है। इस बजट में ये लक्ष्य कैसे पूर्ण होगा, ये तो योगी जी ही बता पायेंगे।
अजय राय ने कहा कि नमामि गंगा के नाम पर पैसे की जबर्दस्त बंदरबांट हो रही है। सीवरेज की जो भी परियोजनाएं हैं वह या तो अपूर्ण हैं, या शुरू नहीं हुई हैं और जो शुरू हुई हैं वो भी ठीक से कार्य नहीं कर रही हैं।
अजय राय ने कहा कि इस बजट में न युवाओं के लिए कुछ है, न महिलाओं के लिए, न पिछड़ों के लिए, न किसानों के लिए, न मजदूरों के लिए। सिर्फ और सिर्फ जनभावनाओं से खिलवाड़ किया गया है।
