पीएम मोदी ने एआई इंपैक्ट लीडरशिप समिट 2026 में MANAV विजन पेश किया है। उन्होंने कहा कि भारत एआई में भय नहीं, बल्कि भाग्य देखता है।
पीएम मोदी ने एआई इंपैक्ट लीडरशिप समिट 2026 में ‘मानव’ (MANAV) विजन पेश किया है। पीएम मोदी ने आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (AI) पर नया मंत्र देते हुए कहा कि दुनिया में दो तरह के लोग हैं, एक तरह के लोगों को एआई में भय दिखता है, जबकि दूसरे तरह के लोगों को इसमें भाग्य दिखता है।
भारत के लोगों को इसमें भाग्य दिखता है। भारतीय कंपनियों ने इस समिट में कई एआई मॉडल लांच किए हैं। पीएम मोदी ने ‘मानव’ (MANAV) विजन पेश करते हुए कहा कि यह पांच मूल सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक संक्षिप्त रूप है।
क्या है MANAV विजन ?
M यानी मानव विजन M कहता है मॉरल एंड एथिकल सिस्टम, एआई एथिकल गाइडेंस पर आधारित हो।
A यानी अकाउंटेबल गवर्नेंस।
N यानी नेशनल सोवरेनटी यानी जिसका डाटा उसका अधिकार।
A यानी एक्सेसिबल एंड इन्क्लूसिव यानी. AI मोनोपोली नहीं, मल्टिप्लेयर बने।
V यानी वैलिड एंड लेजिटिमेट।
हम AI को जिस दिशा में ले जाएंगे वैसा ही होगा भविष्य
AI इम्पैक्ट समिट में पीएम मोदी ने कहा कि जैसे जीपीएस होता है, जीपीएस हमें रास्ता सुझाता है लेकिन हमें किस डायरेक्शन में जाना है इसकी फाइनल कॉल हमारी होती है, आज हम एआई को जिस दिशा में लेकर जाएंगे वैसा ही हमारा भविष्य तय होगा। आज एआई इंपैक्ट समिट में मैं एआई के लिए MANAV विजन प्रस्तुत करता हूं।
मानव विजन-का मतलब मोरल एंड इथिकल सिस्टम्स, अकाउंटेबल गवर्नेंस और नेशनल सॉवरेंटी है। मोरल एंड एथिकल सिस्टम, यानी एआई एथिकल गाइडेंस पर आधारित, अकाउंटेबल गर्वनेंस यानी ट्रांसपरेंट रूल्स, नेशनल सोवरनिटी जिसका डेटा उसका अधिकार, ए एक्सेसिबल एंड इन्क्लूसिव यानी एआई मोनोपोली नहीं मल्टीप्यार बनेगी, वैलिड ऐंड लेजिटिम लॉफुल हो।
हमें विजन भी बड़ा रखना है
PM मोदी ने कहा कि आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन का सफर तेज और व्यापक है। हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही निभानी है। हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ी का हाथों में हम क्या सौंप कर जाएंगे।
