नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूपी में निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट
रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मेगा हब बनेगा यूपी का जेवर
निर्यात को मिलेगी रफ्तार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र बनेगा ग्लोबल निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र
औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभर रहा जेवर, तेजी से बढ़ रहे निवेश प्रस्ताव
1 लाख से अधिक रोजगार, हजारों करोड़ की आर्थिक गतिविधि का अनुमान
जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और व्यापार के नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि यह परियोजना निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
यमुना एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया इंजन
यमुना एक्सप्रेसवे और इसके आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आने शुरू हो चुके हैं। एयरपोर्ट के कारण यह क्षेत्र तेजी से एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है, जहां देश-विदेश की कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रहीं हैं। एयरपोर्ट के आसपास मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल और टॉय पार्क जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखे जाने से हाईटेक इंडस्ट्री को बढ़ावा मिला है। भविष्य में यहां फिनटेक सिटी जैसे अत्याधुनिक प्रोजेक्ट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र टेक्नोलॉजी और उद्योग का प्रमुख केंद्र बनेगा।
निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार
मल्टी मोडल कार्गो हब बनने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ‘लैंडलॉक्ड’ स्थिति से बाहर निकालकर वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ देगा। इससे प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंच सकेंगे और निर्यात को नई गति मिलेगी। इस एयरपोर्ट परियोजना से लगभग 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होने का अनुमान है। सरकार को इससे लगभग 2000 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हो सकता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।
दीर्घकालिक विकास का मजबूत आधार
इस परियोजना का कंसेशन पीरियड 40 वर्षों का है। अनुमान है कि वर्ष 2061-62 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त होगी, जो इसकी दीर्घकालिक आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। कुल मिलाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, निर्यात और रोजगार का एक समग्र विकास मॉडल बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना प्रदेश को आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
