प्रशासनिक ढांचे में सुधार, कार्यक्षमता बढ़ाने और ऑपरेशनल लागत को कम करने के उद्देश्य से वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय की योजना मुंबई भर में फैले 12 संगठनों के 20 कार्यालयों का विलय करके उन्हें सिंगल इंटीग्रेटेड कैंपस में लाने की है। भविष्य में इस मॉडल को देश के अन्य हिस्सों में भी अपनाया जा सकता है।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हो रही है शुरुआत
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबई में की जा रही यह कवायद उनके मंत्रालय द्वारा पूरे देश में चलाए जाने वाले एकीकरण अभियान के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में काम करेगी।
उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद को अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि इस तरह का एकीकरण पूरे देश में किस तरह से लागू किया जा सकता है।
आम लोगों के लिए बनेगा वन-स्टॉप हब
यह प्रस्तावित नया परिसर मंत्रालय से जुड़ी काम के लिए नागरिकों के लिए एक वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेगा। इसके अलावा, यह परिसर उपयोगकर्ताओं को डिजिटल रूप से वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले सभी 46 संगठनों से भी जोड़ेगा।
इसमें मसाला बोर्ड और समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण जैसी संस्थाएं भी शामिल होंगी जिनके कार्यालय वर्तमान में मुंबई में मौजूद नहीं हैं।
सरकारी खर्चों में आएगी भारी कमी
वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि इस नए कदम से न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज ज्यादा सुव्यवस्थित और आसान होगा, बल्कि सरकार के खर्चों में भी भारी कमी आएगी। इससे कार्यालयों का किराया, हाउसकीपिंग, आतिथ्य सत्कार और अन्य ऊपरी खर्च काफी हद तक कम हो जाएंगे।
मंत्री ने इस योजना की अहमियत बताते हुए कहा कि सरकार के काम करने के तरीके पर इस कदम का दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
