हैवलॉक रोड पर भव्य भंडारे का आयोजन, अधिकारियों ने की पूजा-अर्चना।
छठे बड़े मंगलवार पर हैवलॉक रोड स्थित भव्य भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।
निदेशक सूचना विशाल सिंह एवं अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने विधि-विधान से की पूजा-अर्चना, वितरित किया प्रसाद।
ज्येष्ठ माह के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का दिखा अद्भुत संगम।
प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं मंगल की कामना के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ विशाल भंडारा आयोजन।
लखनऊ ।ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर राजधानी में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हज़ारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हैवलॉक रोड स्थित पशु चिकित्सालय के पास विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और पूरे वातावरण में “जय बजरंगबली” के जयकारों से क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर निदेशक सूचना विशाल सिंह एवं अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान हनुमान जी से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर एवं भंडारा स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण में सहभागिता निभाई।
निदेशक सूचना विशाल सिंह ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सहयोग और सेवा भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर भंडारे का सफल संचालन प्रशंसनीय है। वहीं अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने कहा कि बड़े मंगलवार का यह पर्व आस्था के साथ-साथ जनसेवा का भी प्रतीक है, जिसमें सभी वर्गों के लोग एक साथ आकर प्रसाद ग्रहण करते हैं और भाईचारे का संदेश देते हैं।
भंडारे में पूड़ी, सब्जी, हलवा एवं शीतल पेय का वितरण किया गया। स्वयंसेवकों ने अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार पर इस प्रकार के भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और समाज में इसी प्रकार धार्मिक एवं सेवा कार्यों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। पूरा वातावरण भक्ति, सेवा और सौहार्द की भावना से परिपूर्ण रहा।
