वीरांगना अवंतीबाई, झलकारी बाई और ऊदा देवी के नाम पर नई PAC बटालियन।
तीनों बटालियनों में सिर्फ बेटियों की होगी भर्ती।
अश्वारोही प्रतिमाओं से नई पीढ़ी को मिलेगा प्रेरणा का संदेश।
वीरांगनाओं के सम्मान को योजनाओं से जोड़ रही सरकार।
लखनऊ। देश के वीरों और वीरांगनाओं का सम्मान केवल इतिहास को याद करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देना भी है। इसी सोच के साथ सरकार ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और ऊदा देवी के नाम पर बड़ा कदम उठाया है। क्या है यह पहल और कैसे बेटियों को मिल रही है नई पहचान, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।
राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले वीरों और वीरांगनाओं की गाथाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। इन्हीं महान विभूतियों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से डबल इंजन सरकार लगातार नई पहल कर रही है।
सरकार ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर पीएसी की तीन नई बटालियनों का गठन किया है। खास बात यह है कि इन तीनों बटालियनों में केवल बेटियों की भर्ती सुनिश्चित की गई है। यह कदम महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही नहीं, इन वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी, ताकि नई पीढ़ी उनके साहस, शौर्य और बलिदान से प्रेरणा ले सके। सरकार पहले ही रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई लोधी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर कई योजनाएं और अभियान चला रही है। उद्देश्य साफ है—देश के महान नायकों और वीरांगनाओं के योगदान को जन-जन तक पहुंचाना और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करना। क्योंकि जब कोई समाज अपने नायकों का सम्मान करता है, तभी आने वाली पीढ़ियों में कर्तव्य, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना और प्रबल होती है।
