जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। भारत के इस फैसले ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी है। इसके चलते गंभीर जल संकट और कूटनीतिक अलगाव से घिरे पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जहर उगला है।
दरअसल, सिंधु जल संधि पर इस्लामाबाद में आयोजित एक सेमिनार में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता बिलावल भुट्टो जरादीर ने भारत का नाम लिए बगैर गीदड़भभकी देते हुए कहा कि अगर किसी को लगता है कि पाकिस्तान सिंधु को सौंप देगा तो वे पाकिस्तान को नहीं जानते।
वे पाकिस्तान को नहीं जानते?
इस्लामाबाद के राजनयिक अलगाव को छुपाने के लिए खोखली चेतावनी देते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा, “अगर कोई यह मानता है कि पाकिस्तान सिंधु को सौंप देगा, तो वे पाकिस्तान को नहीं जानते। वे सिंध को नहीं जानते। वे पंजाब को नहीं जानते। वह बलूचिस्तान को नहीं जानते। वे खैबर पख्तूनख्वा को नहीं जानते। वे कश्मीर या गिलगित बाल्टिस्तान को नहीं जानते। वे उन लोगों को नहीं जानते जो हजारों सालों से इन नदियों के किनारे रहते आए हैं।”
हम शांति चाहते हैं, लेकिन गरिमापूर्ण शांति। हम संवाद चाहते हैं, लेकिन कानून के दायरे में संवाद। हम सह-अस्तित्व चाहते हैं, समर्पण नहीं। इसलिए इस संगोष्ठी से, इस शहर से, इस क्षण से एक संदेश जाना चाहिए। पाकिस्तान अपने जल, अपने लोगों, अपनी संधि, अपनी संप्रभुता और अपने भविष्य की रक्षा करेगा।”
भारत की राज्य-प्रायोजित उग्रवाद से संबंधित मुख्य सुरक्षा चिंता का समाधान करने में विफल रहने पर, बिलावल ने तर्क दिया कि पानी का हथियार के रूप में उपयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत है। पाकिस्तान अपने लोगों के मौलिक अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा।
