The Uttar Pradesh Chief Minister, Shri Yogi Adityanath meeting the President, Shri Ram Nath Kovind, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on February 10, 2018.
हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में बसते हैं प्रभु श्रीरामः सीएम योगी
गोरखनाथ मंदिर में सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर बोले मुख्यमंत्री
हर भारतीय के अंतःकरण में श्रद्धा एवं भक्ति से जुड़ा है मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का नाम : सीएम योगी
जय श्रीराम, हमारे सनातन संस्कार का संबोधन : सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है सनातन मूल्यों को जानने का अवसर : सीएम योगी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता होती है। जीवन में सुगमता को जानने के लिए हमें ज्ञान और भक्ति का अनुगामी बनना पड़ेगा। यह ज्ञान और भक्ति हमें श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसी पावन कथाओं के माध्यम से प्राप्त होती है।

सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुवार से आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है, वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है। अंधकार, अराजकता और अज्ञानता से मुक्ति पाने का माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान ही है।
गोरक्षपीठाधीश्वर ने श्रीराम कथा की महत्ता को समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे चाहे बालक हो या वृद्ध, अधेड़ हो या जवान, गृहस्थ हो या विरक्त, हर कोई अपने नजदीक पाता है।
सीएम योगी ने कहा कि देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, चाहे कोई हिंदीभाषी हो अहिंदीभाषी, सबकी तरफ से अभिवादन का एक ही स्वर होता है- जय श्रीराम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में आपसी अभिवादन के लिए एक ही शब्द सुनाई देता है- राम राम जी। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है। इस संबोधन ने हमारे संस्कार को तो जोड़ा ही, जीवन की हर परिस्थिति में मर्यादा की लक्ष्मणरेखा भी खींची।
सीएम योगी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अपने पावन धाम और तीर्थस्थलों से यह देश की हृदयस्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है।
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के उपरांत श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने कराया। यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक सुनाई जाएगी।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा
श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज तथा 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की।
इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
