सुनील शेट्टी ने 90 के दौर में हिंदी सिनेमा को सिर्फ ‘मोहरा’ और ‘गोपी किशन’ जैसी यादगार फिल्में ही नहीं दी हैं, बल्कि कई ऐसे गाने भी दिए हैं, जो समय बीत गया, लेकिन आज भी लोगों के फेवरेट्स हैं। उनके सबसे ज्यादा पसंद किए गए गानों की लिस्ट में ‘तुम दिल की धड़कन में’, ‘आंखों में बसे हो तुम’, ‘संदेशे आते हैं’, ‘ना कजरे की धार’ और ‘शहर की लड़की’ जैसे सॉन्ग्स शामिल हैं।
क्या आपको पता है कि सुनील शेट्टी ने इन सुपरहिट गानों में से एक ऐसा गाना भी है, जो अभिनेता के जन्म से ठीक एक साल पहले रिकॉर्ड हुआ था और 33 साल बाद पंकज उधास की आवाज में अभिनेता की ही एक फिल्म में डाला गया। कौन सा था वह गीत चलिए बताते हैं।
सुनील शेट्टी के पैदा होने से पहले बनकर तैयार था आइकॉनिक गीत
सुनील शेट्टी के जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘मोहरा’ का है। गाने के लिरिक्स हैं ‘ना कजरे की धार, न मोतियों के हार’। यह आज के समय में हिंदी सिनेमा के सबसे आइकॉनिक गानों में से एक हैं। गाने के लिरिक्स पति अक्सर अपनी पत्नियों की तारीफ में इस्तेमाल करते हैं। सबसे खास बात ये है कि ‘ना कजरे की धार’ के लिरिक्स सुनील शेट्टी के जन्म से पहले ही बनकर तैयार हो गए थे।
दरअसल, तीन दशकों से सुना जाने वाला ये गाना कल्याण जी और आनंद ने कंपोज किया था, जो 60s की मशहूर जोड़ियों में से एक थे। गाने को मुकेश ने आवाज ने दी थी। यह गाना बनकर तैयार तो हो गया, तो दुर्भाग्यवश ये जिस फिल्म के लिए बना था, वह कभी पूरी ही नहीं हो पाई और गीत धरा का धरा रह जाता है।
पंकज उधास की आवाज ने 33 साल पहले बनाया अमरगीत
कई सालों के बाद म्यूजिक डायरेक्टर ‘विजू शाह’ ने कभी रिलीज न हो पाई इस पुरानी धुन के साथ ही ‘ना कजरे की धार’ गाने को दोबारा रिक्रिएट करने के बारे में सोचा। उन्होंने साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘मोहरा’ में ये गाना पकंज उधास से गवाया। पंकज उधास के साथ इस गाने को साधना सरगम की जुगलबंदी ने हिंदी सिनेमा के कल्ट गानों में शामिल किया।
गाने के लिरिक्स को इंदीवर ने लिखे थे। इस गाने को आज भी कोई बीट नहीं कर पाया है। फिल्म मोहरा की बात करें तो साल 1994 में रिलीज हुई ये फिल्म उस साल की बड़ी हिट फिल्मों इ से एक थी, जिसका बजट 3.75 करोड़ के आसपास था और मूवी की कमाई 22.65 करोड़ के आसपास हुई थी।