नेपाल में बाढ़ के सैलाब के बीच आम का पेड़ श्रमिक के लिए संबल बना और उन्हें जीवनदान मिल गया। बुधवार को नेपाली श्रमिक बिबेक कुमाल बिदुर क्षेत्र में नए बने एक घर के बाहर शौचालय का गड्ढा खोद रहे थे, तभी उन्हें आवाज़ सुनाई दी।
पांच फीट गहरे गड्ढे के ऊपर खड़े उनके चार साथियों ने उन्हें बाहर निकलकर भागने के लिए आवाज लगाई। जब तक वह गड्ढे से बाहर निकले, तब तक उसके साथी जा चुके थे। वह जान बचाकर भागने लगे, लेकिन तभी सैलाब आया और उन्हें तथा उनके आस-पास की हर चीज़ को बहा ले गया।
बिदुर चीन के तिब्बत से लगी नेपाल की हिमालयी सीमा के पास है। काठमांडू के नेशनल ट्रामा सेंटर में भर्ती अपने बिस्तर पर लेटे हुए बिबेक ने कहा, मैं भागने लगा। तभी पानी का सैलाब आया। लगा जैसे भूकंप आया हो। सैलाब बहा ले गया। किस्मत से मैं आम के एक पेड़ पर अटक गया। बाद में पुलिस वहां पहुंची और सुरक्षित बाहर निकाला। आम का पेड़ न होता, तो मैं बहकर मर जाता।
