अपराधउत्तर प्रदेशप्रादेशिक

विनोद यादव 

संविधान को ताख पर रख पुलिसिया तांडव कर रही धम्मौर थाने की पुलिस,खाकी के इकबाल पर सवाल 

सुल्तानपुर। अवधी गायक संजय यदुवंशी के घर देर रात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के पहुंचने का मामला सामने आया है। संजय यदुवंशी का आरोप है कि धम्मौर थानाध्यक्ष (SHO) और पुलिसकर्मियों ने देर रात उनके घर पहुंचकर परिजनों के साथ अभद्रता की और मां-बहन को लेकर आपत्तिजनक गालियां दीं। बताया जा रहा है कि देर रात पुलिस टीम के अचानक घर पहुंचने से परिवार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यदुवंशी ने पुलिस की इस कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।अवधी गायक संजय यदुवंशी के घर पर दबिश देने पहुंची धम्मौर पुलिस का ‘दबंग’ चेहरा सबके सामने हैं ? गेट फांदकर इंस्पेक्टर एंव उनके साथ पुलिस कर्मी घुसे एंव महिलाओं से बत्तमीजी भी की,गाली-गलौज और मारपीट के वायरल वीडियो में सब साफ हैं। ‘मैं इंस्पेक्टर धम्मौर हूं, तुम्हें नियम समझा दूंगा’ वायरल वीडियो में बोलते दिखे धम्मौर इंस्पेक्टर । संजय यदुवंशी की मां और बहन से मारपीट का भी आरोप भी पुलिस पर लग रहा हैं। सवाल यह हैं कि क्या खाकी के इकबाल पर सवाल अब खड़े होने लगा हैं। धम्मौर पुलिस की कार्रवाई का तरीका कितना ऊचित है? अगर एनबीडब्ल्यू था तो धम्मौर पुलिस आखिर क्यूं नहीं पहले अभियुक्त के घर पर नोटिस चस्पा की। तामिला कराने के नाम पर रात्रि में ही क्यूं पुलिस पहुची।क्या संजय यदुवंशी गैगस्टर हैं या उस पर रासुका लगा हैं या जिलाबदर हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों को घर की बाउंड्री फांदकर अंदर घुसने, गाली-गलौज करने और महिलाओं से कथित अभद्रता व मारपीट करने का अधिकार आखिर किसके शह पर मिला।धम्मौर पुलिस बाउंड्री फांदकर घर के अंदर जाती दिखाई दे रही है वीडियो में , जबकि एक व्यक्ति, जिसे धम्मौर इंस्पेक्टर बताया जा रहा है, कथित तौर पर तेज आवाज में यह कहते सुनाई दे रहे हैं—“मैं इंस्पेक्टर हूं, तुम्हें नियम समझा दूंगा।”वीडियो में कथित गाली-गलौज और घर की महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की,मारपीट की बात परिजन कर रहें हैं। संजय यदुवंशी के बड़े भाई शिवा यदुवंशी इसौली सीट से विधानसभा की तैयारी कर रहें हैं।संजय के पिता ने वीडियो जारी करते हुए एसपी विनीत जायसवाल से तत्काल जांच की मांग। एंव संजय एंव उनके भाई के जानमाल को खतरा बताया और धम्मौर पुलिस पर आरोप लगाया कि अगर कोई अप्रिय घटना होती हैं तो धम्मौर पुलिस जिम्मेदार होगी।

यदि वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की भूमिका तय कर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।कानून का राज तभी मजबूत होगा, जब कानून लागू करने वाली वर्दी भी कानून की सीमाओं के भीतर रहे। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। पुलिस का पक्ष मिलने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। अब सवाल यह है कि देर रात इतनी बड़ी संख्या में पुलिस टीम संजय यदुवंशी के घर क्यों पहुंची और परिजनों के साथ कथित अभद्रता की स्थिति क्यों बनी?

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