यूपी की मंडियों को बेहतर बनाने में जुटी योगी सरकार, कई जिलों में निरीक्षण
मंडी परिषद के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सफाई, सड़क, पेयजल और किसानों की सुविधाओं में सुधार के निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में प्रदेश की मंडियों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद,जितेन्द्र प्रताप सिंह ने दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के विभिन्न मंडी स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मलिहाबाद (लखनऊ), सण्डीला एवं हरदोई (हरदोई), शाहजहांपुर, तिलहर, लखीमपुर तथा सीतापुर स्थित मंडियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान मंडियों में साफ-सफाई, आंतरिक सड़कों की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, अभिलेखों के रखरखाव, क्रय केंद्रों की कार्यप्रणाली, आधारभूत सुविधाओं तथा निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कराने तथा मंडियों में किसानों एवं व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सिंह ने कहा कि मंडी परिषद द्वारा ‘स्वच्छ मंडी–शुभ मंडी’ अभियान के माध्यम से मंडियों के कायाकल्प, स्वच्छता और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मंडियों में साफ-सफाई, सड़कों के रखरखाव, प्रकाश व्यवस्था, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव तथा क्रय केंद्रों के सुचारु संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडियों में बेहतर व्यवस्थाएं केवल कृषि उपज की आवक के सीजन तक सीमित न रहें, बल्कि पूरे वर्ष समान रूप से सुनिश्चित की जाएं। किसानों एवं व्यापारियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं तत्परता से निर्वहन करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मलिहाबाद मंडी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की महत्वपूर्ण मंडियों में से एक
मलिहाबाद मंडी के सौंदर्यीकरण एवं व्यवस्थाओं में सुधार के निदेशक ने दिए निर्देश
मलिहाबाद मंडी के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त करते हुए निदेशक ने कहा कि मलिहाबाद मंडी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण मंडियों में से एक है। ऐसे में यहां स्वच्छता, अनुशासन एवं आधारभूत सुविधाओं का उच्च स्तर बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने मंडी परिसर में पड़ी निष्प्रयोज्य सामग्री, अतिक्रमण तथा आम के सीजन में लगाए गए टेंट के अवशेषों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में लैंडस्केपिंग कराकर सौंदर्यीकरण कराने तथा मंडी के बोर्ड को दुरुस्त कर उचित स्थान पर स्थापित करने को कहा।
निदेशक ने मंडी परिसर में अनुशासन बनाए रखने और आवागमन के मार्गों को सुचारु रखने पर जोर दिया। उन्होंने आम के आगामी सीजन में व्यापारियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि व्यापारियों एवं अन्य मंडी आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सण्डीला मंडी में लापरवाही पर नाराजगी, जिम्मेदारी तय करने के निर्देश
क्रय केंद्रों की कार्यप्रणाली एवं अभिलेखों को किया जाए दुरुस्तः जितेन्द्र प्रताप सिंह
नवीन मंडी स्थल, सण्डीला, जनपद हरदोई के निरीक्षण के दौरान परिसर में स्थापित पानी की टंकी खराब पाई गई। इसके अतिरिक्त कई हाईमास्ट लाइटें भी खराब थीं, जिन्हें लंबे समय से ठीक नहीं कराया गया था। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निदेशक ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर जिम्मेदारी निर्धारित करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंडी परिसर की कुछ सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर उन्होंने निर्देश दिए कि संपूर्ण सड़क निर्माण कार्य की प्रतीक्षा किए बिना खराब हिस्सों की तत्काल पैच रिपेयरिंग कराई जाए, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे। उन्होंने अभिलेखों के अपूर्ण होने तथा क्रय केंद्र पर हैंडलिंग कार्य का ठेका उपलब्ध न होने के कारण क्रय कार्य प्रभावित होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। संबंधित अधिकारियों को अभिलेख अद्यतन रखने तथा हैंडलिंग कार्य के लिए ठेके की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त मंडी स्थलों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, नीलामी चबूतरों की मरम्मत कराने, स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने तथा साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए। निदेशक ने कहा कि मंडियों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी एवं अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

हरदोई मंडी में निर्माण कार्य की धनराशि के उपयोग पर मांगा गया स्पष्टीकरण
हरदोई मंडी के भ्रमण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मंडी परिषद, लखनऊ के निर्माण खंड के अंतर्गत नवीन मंडी स्थल, हरदोई में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत था। हालांकि, सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त किए बिना उक्त कार्य के लिए स्वीकृत धनराशि अन्य स्थानों पर व्यय कर दी गई।
इस संबंध में उपनिदेशक (निर्माण) से स्पष्टीकरण मांगे जाने पर उनके द्वारा संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए निदेशक ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शाहजहांपुर एवं तिलहर मंडियों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर
निदेशक ने नवीन खाद्यान्न एवं फल-सब्जी मंडी स्थल, शाहजहांपुर का निरीक्षण करते हुए मंडी की बाउंड्री वॉल को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। वहीं, तिलहर मंडी में पार्क विकसित करने को कहा, ताकि मंडी परिसर का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ वहां की व्यवस्थाओं एवं परिवेश में सुधार किया जा सके।
बरेली मंडी में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त न होने पर कार्रवाई के निर्देश
बरेली मंडी के भ्रमण के दौरान पाया गया कि उपनिदेशक (विद्युत एवं यांत्रिक) को एक माह से अधिक समय पूर्व निर्देश दिए जाने के बावजूद मंडी में स्थापित हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए। इसके साथ ही मंडी परिसर की स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत भी लंबित पाई गई।
निर्देशों की अवहेलना एवं कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक ने उपनिदेशक (विद्युत एवं यांत्रिक) से विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस लेने के निर्देश दिए।

लखीमपुर एवं सीतापुर मंडियों में सुविधाओं के विस्तार के निर्देश
मैंगलगंज मंडी में गंदगी एवं अवैध कब्जे पर निदेशक का सख्त रुख
विद्युत बिलों की वसूली और शेड मरम्मत में कमी की जांच के मण्डी निदेशक ने दिए निर्देश
मैंगलगंज, जनपद खीरी स्थित मंडी स्थल के निरीक्षण के दौरान निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, जितेन्द्र प्रताप सिंह ने मंडी परिसर में साफ-सफाई की स्थिति एवं अवैध कब्जे पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी परिसर की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित कराते हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटवाया जाए।
निरीक्षण के दौरान मंडी के एक कर्मचारी के आवास में एयर कंडीशनर (एसी) स्थापित पाए जाने तथा विद्युत बिल का पूर्ण भुगतान न किए जाने का प्रकरण भी सामने आया। इस पर निदेशक ने निर्देश दिए कि आवास में स्थापित एसी एवं अन्य विद्युत उपकरणों के विद्युत भार का आकलन करते हुए वास्तविक विद्युत खपत के अनुरूप देय धनराशि निर्धारित की जाए तथा संबंधित कर्मचारियों से नियमानुसार विद्युत शुल्क की वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शौचालय की मरम्मत का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

वर्ष 2024 में स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत पांच नीलामी चबूतरों के शेड की शीटें बदलने के कार्य की समीक्षा की गई। निरीक्षण में पाया गया कि चार नीलामी चबूतरों पर मरम्मत कार्य कराया गया है, जबकि एक नीलामी चबूतरे का शेड अभी भी टूटी हुई अवस्था में है। निदेशक ने इस कमी को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण की जांच कराने तथा जांच आख्या तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वहीं, सीतापुर स्थित गल्ला-सब्जी मंडी में वेटिंग एरिया के विकास, अतिरिक्त शौचालयों के निर्माण तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर जोर दिया।
धान क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग ठेकेदारों के चयन की प्रक्रिया दो दिन में पूरी करने के निर्देश
प्रत्येक जेई, एई एवं डीडीसी को अपने-अपने क्षेत्र की मंडियों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने तथा आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के मण्डी निदेशक ने दिए निर्देश
धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निदेशक ने सभी उपनिदेशकों (कृषि) को निर्देश दिए कि धान क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग कार्य के लिए ठेकेदारों के चयन की प्रक्रिया अब तक पूरी न होना अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने निर्देशित किया कि लंबित प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अगले दो दिनों के भीतर चयन कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए।
निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई सभी कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडियों में स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव तथा स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक जेई, एई एवं डीडीसी को अपने-अपने क्षेत्र की मंडियों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने तथा आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

किसानों एवं व्यापारियों से सीधा संवाद, समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान निदेशक ने किसानों एवं व्यापारियों से सीधे संवाद कर मंडियों में उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली तथा उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।
‘स्वच्छ मंडी–शुभ मंडी’ अभियान के अंतर्गत जिन जनपदों में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं, वहां की प्रगति पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। साथ ही, अन्य मंडियों में भी बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने, नियमित निरीक्षण एवं निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निदेशक ने स्पष्ट किया कि मंडी परिषद का उद्देश्य मंडियों को केवल कृषि उपज के क्रय-विक्रय का केंद्र बनाए रखना नहीं, बल्कि किसानों एवं व्यापारियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी है। इस दिशा में सभी संबंधित अधिकारी समयबद्ध ढंग से कार्य करते हुए मंडियों की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करें।




