नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव की तैयारियां चल रही हैं और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ रही है।
पीएम मोदी और सीएम योगी के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात में उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। आगामी चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और प्रदेश में सरकार के कामकाज से जुड़े विषयों पर भी बातचीत होने की संभावना है।
हालांकि, बैठक में किन-किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में बैठक को लेकर सामने आ रही राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों को आधिकारिक निर्णय के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।
राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव भी अहम
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही विधान परिषद की 11 सीटों पर भी चुनाव होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां और तेज होने की संभावना है। भाजपा समेत सभी प्रमुख दल संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सक्रियता
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बीच संगठन, सरकार और आगामी चुनाव से जुड़े मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसले सामने आते हैं या नहीं, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम भी रहा। इन बैठकों को उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के अलावा प्रदेश संगठन से जुड़े विषय भी इन बैठकों में चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, इन मुलाकातों में हुए सभी फैसलों की आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल
पीएम मोदी और सीएम योगी की मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी चुनाव, संगठनात्मक गतिविधियां और सरकार के स्तर पर होने वाले संभावित फैसलों को लेकर राजनीतिक नजरें अब दिल्ली और लखनऊ दोनों पर टिकी हैं।
आने वाले दिनों में भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश को लेकर क्या रणनीति सामने आती है और संगठन तथा सरकार के स्तर पर क्या बदलाव या नई जिम्मेदारियां तय होती हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
