कहा जाता है कि दिल के रिश्ते को जाति या मजहब के बंधन में नहीं बांधा जा सकता है। पिछले दिनों हुई कुछ ऐसी घटनाओं ने इसे सार्थक सिद्ध किया है। प्यार में सीमा ने सीमा लांघकर भारत आ गई और भारतीय नागरिक गैर मजहबी सचिन से बकायादा शादी रचा ली। उस समय यह काफी चर्चा में रहा। इसके बाद भारतीय महिला अंजू अपने बच्चों को छोड़ कर पाकिस्तान पहुंच गई और वहां पर शादी रचा ली। आखिर दिल ही तो है, यह सरहद और जाति पांति नहीं देखता एक बार लगगया गया तो लगगया। इसी क्रम में पाकिस्तान की एक और महिला जावेरिया खानुम अगले महीने समीर खान से शादी करने जा रही हैं। इसके लिए जवेरिया अटारी-वाघा बॉर्डर पार कर अमृतसर पहुंच गई हैं।
जनवरी में एक दूसरे के हो जाएंगे समीर खानुम
जवेरिया-समीर की शादी अगले साल जनवरी माह में होगी। बता दें कि जवेरिया और समीर की मुलाकात पांच साल पहले जर्मनी में हुई थी। कोलकाता लौटने पर समीर ने जब अपनी मां के फोन में खानुम की तस्वीर देखी तो दिल दे बैठे और उससे शादी की अच्छा जाहिर की। इसके बाद समीर की मां ने पाकिस्तान के डेरा इस्माइल में जवेरिया की मां को शादी का प्रपोजल भेजा। दोनों परिवार राजी हो गए। लेकिन प्रेम कहानी में सब कुछ आसानी से कहां हो पाता है।
अटारी-बाघा बॉर्डर के रास्ते आईं भारत
खानुम ने भारत के लिए वीजा अप्लाई की, जिसे भारतीय उच्चायोग ने खारिज कर दिया। इसके बाद कोविड के चलते दूरियां बनी रहीं। हालात सही होते ही जवेरिया खान ने फिर से वीजा के लिए अप्लाई किया। इस बार उसे वीजा मिल गया। जवेरिया अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत आईं। इस दौरान समीर ने अपनी होने वाली दुल्हन का गुलदस्ता और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया।
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