अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि ऑनलाइन अटेंडेंस से शिक्षकों का जीवन ख़तरे में आ गया है । अटेवा ऑनलाइन अटेंडेंस का पुरजोर विरोध करता है।

स्कूल जाने के लिए कहीं रास्ता नहीं है तो कहीं जल भराव है तो कहीं इंटरनेट की सुविधा नहीं है ऐसे हालात में ऑनलाइन हाजिरी कैसे हो सकती है सरकार 70 सालों में बिजली, पानी ,सड़क और स्कूलों में मौलिक सुविधाएं नहीं उपलब्ध करा पाई लेकिन शिक्षकों को ऑनलाइन अपडेट चाहती है।

शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के हित में सदैव तैयार है लेकिन इस तरह से भयग्रस्त करना ठीक नहीं है। अटेवा के महामंत्री डॉ0 नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि उ0प्र0 सरकार का ऑनलाइन अटेंडेंस का फैसला शिक्षक हित में नहीं है।

इससे शिक्षकों के साथ दुर्घटनाओं की वृद्धि होगी। सरकार शिक्षकों के जीवन से खिलवाड़ न करे और अपने फैसले को वापस ले।

प्रदेश के कोने-कोने से जिस तरह के सड़कों के हालात व स्कूलो में जल भराव की वीडिया/ फोटो लगातार आ रही है वह चिंता जनक है। प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ0राजेश कुमार ने कहा ऑनलाइन अटेंडेंस के मुद्दे पर अटेवा शिक्षको के साथ है और सभी संगठनों से अपील करता है इस मुद्दे पर सब एक होकर के आम शिक्षकों के हितों को संरक्षित करें।
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