ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सिडनी में 14 दिसंबर 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद कड़े कदम उठाए हैं। बॉन्डी बीच पर हुए इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने संसद में गैर-नफरती भाषण और बंदूक कानून के लिए दो नए अधिनियम पारित किए हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसका स्वागत किया है।
14 दिसंबर 2025 को ऑस्ट्रलिया के सिडनी में बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले में कई लोगों की जान चली गई थी। बाप-बेटे ने मिलकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू की, जिसमें 15 की मौत हो गई और गोली लगने से कई लोग घायल हो गए थे। इस घटना ने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर कर रख दिया था।
सिडनी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने सख्त कदम उठाया है। संसद में गैर-नफरती भाषण और बंदूक कानून के लिए नया अधिनियम पास हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस कदम का स्वागत किया है।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलियाई पीएम के अनुसार, “हमने तय किया था कि हम एकता के साथ जल्द से जल्द ऐसा कोई कानून लाएंगे। और हमने ये कर दिखाया।”
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने पहले एक ही बिल लाने का फैसला किया था। मगर, बाद में नफरती भाषण और बंदूक से जुड़े कानून पर अलग-अलग बिल पेश किया गया। ये बिल मंगलवार को निचले सदन में पेश हुआ था, जिसे सभी सांसदों ने हरी झंडी दिखा दी है।
नए कानून का असर
हिज्ब-उत-तहरीर जैसे कई संगठन ऑस्ट्रेलिया के नए हेट स्पीच कानून के तहत आएंगे। अन्य देशों की तरह ऑस्ट्रेलिया ने इन्हें आतंकी संगठन घोषित नहीं किया है। ऐसे में इन कट्टरपंथी संगठनों पर शिकंजा कसने में नया कानून बेहद मददगार साबित हो सकता है।
