उत्तर प्रदेश | जीएसटी दरों में कटौती से पिछले कुछ महीनों से इस मद में अपेक्षाकृत कम आय के बाद फरवरी में जीएसटी से सरकार की कमाई में फिर रफ्तार देखने को मिली है। इस वर्ष फरवरी में पिछले वर्ष के मुकाबले सरकार को 355 करोड़ रुपये अधिक राजस्व केवल जीएसटी से मिला है।
इसके साथ ही प्रदेश के प्रमुख कर-करेतर मदों से पिछले वर्ष फरवरी की तुलना में 415.18 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि फरवरी 2026 में प्रदेश को प्रमुख कर-करेतर मदों से कुल अठारह हजार चार सौ बारह दशमलव दो पाँच करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि पिछले वर्ष फरवरी में यह सत्रह हजार नौ सौ सत्तानवे दशमलव जीरो सात करोड़ रुपये था।जीएसटी में फरवरी 2026 में सात हजार दो सौ दो दशमलव तीन छह करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। पिछले वर्ष फरवरी में छह हजार आठ सौ सैंतालीस दशमलव छह सात करोड़ रुपये ही मिले थे। गौर करने की बात यह है कि इस वर्ष जनवरी में जीएसटी संग्रह पिछले साल जनवरी से लगभग पांच करोड़ रुपये घट गया था।
वैट से इस वर्ष फरवरी में दो हजार पाँच सौ पच्चीस दशमलव आठ सात करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है जो पिछले वर्ष फरवरी में मिले 2,530.76 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है।

वहीं, आबकारी में भी इस वर्ष फरवरी में पिछले वर्ष से कमाई 425 करोड़ रुपये घटी है। स्टांप एवं निबंधन विभाग को देखा जाए तो इसमें इस वर्ष फरवरी में 2,731.95 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 426.70 करोड़ रुपये अधिक है।
परिवहन विभाग की कमाई पिछले वर्ष फरवरी से अधिक हुई है। इस वर्ष एक हज़ार छिहत्तर दशमलव तीन आठ करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि पिछले वर्ष फरवरी में यह 923.40 करोड़ रुपये था। करेतर राजस्व की प्रमुख मद भूतत्व एवं खनिकर्म से इस वर्ष फरवरी में पिछले वर्ष से कम राजस्व प्राप्त हुआ है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक कर राजस्व मदों से कुल एक लाख छियानवे हजार छह सौ तिरपन दशमलव दो सात करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य दो लाख अड़सठ हजार पाँच सौ पचहत्तर दशमलव सात आठ करोड़ रुपये का 73.2 प्रतिशत है।
