वंदे भारत ट्रेन समेत रेलवे में और रक्षा क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों के लिए अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं। ये कहना है मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) गगन गोयल का। वह बुधवार को फाउंड्री नगर में एमएसएमई के वेंडर विकास सम्मेलन के समापन में आए थे।
दो दिवसीय वेंडर विकास सम्मेलन में बुधवार को उद्यमियों को रेलवे, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और जेम पोर्टल के माध्यम से व्यापार बढ़ाने के गुर सिखाए गए। डीआरएम गगन गोयल ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के तहत वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के निर्माण में एमएसएमई की भूमिका महत्वपूर्ण है। लेफ्टिनेंट कर्नल पल्लवी जामवाल ने रक्षा क्षेत्र में आवश्यक सामग्रियों की मांग और जेम पोर्टल के माध्यम से उनकी पारदर्शी खरीद प्रक्रिया के बारे में बताया।
रेलवे के डीएमएम विवेक दिवाकर ने रेलवे की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी और आईआरईपीएस पोर्टल के तकनीकी पहलुओं को समझाया। गेल गैस इंडिया के प्रतिनिधि नरेश कुमार ने बताया कि गेल गैस आगरा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक एमएसएमई इकाइयों से 10.5 करोड़ रुपये की खरीदारी की है, जिसे सुनकर प्रतिभागी काफी उत्साहित नजर आए।
डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स की सीखीं बारीकियां
कंप्यूटर एजुकेशन इंडस्ट्री के निदेशक आकाश मित्तल ने डिजिटल मार्केटिंग के दौर में ई-कॉमर्स की महत्ता और बारीकियां सिखाईं। उन्होंने उद्यमियों को समझाया कि कैसे वे जेम पोर्टल और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर ले जा सकते हैं। एनपीसीआईएल के सीनियर मैनेजर कपिल कुमार ने उद्यमियों को जेम पंजीकरण के लिए प्रेरित किया।
तकनीकी सत्र और प्रमाण पत्र वितरण
सत्र के दौरान एससी/एसटी हब के प्रमुख पुष्पेंद्र सूर्यवंशी ने बैंकिंग समस्याओं पर चर्चा की। रेलवे के सीनियर डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रूपेश बघेल ने विद्युत संबंधी आवश्यकताओं के बारे में बताया। पीपीडीसी के प्रधान निदेशक सचिन राजपाल ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एमएसएमई के कौशल को रीढ़ की हड्डी बताया। समापन पर प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। सहायक निदेशक अभिषेक सिंह और वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी अवधेश कुमार ने धन्यवाद दिया। संचालन नेहा मेहतो ने और समन्वय जितेंद्र कुमार यादव ने किया।
