सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन
कैबिनेट की बेठक में नियमावली में संशोधन को स्वीकृति
2 माह के वेतन से अधिक की देनी होगी सूचना
चल संपत्ति के लेन-देन की भी देनी होगी जानकारी
लखनऊ | उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी यदि एक कैलेंडर वर्ष में 6 माह के मूल वेतन से अधिक की राशि स्टाक, शेयर या अन्य निवेश माध्यमों में लगाते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी समुचित प्राधिकारी को देना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अभी जो नियमावली है उसमें इसका कोई प्रविधान नहीं था। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर नियमावली में संशोधन किया है।

कैबिनेट बैठक के बाद निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कुल 31 प्रस्ताव आए थे इनमें से परिवहन विभाग का निजी बसों के अनुबंध वाला प्रस्ताव छोड़कर शेष 30 प्रस्ताव पास हो गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली 2026 को स्वीकृति मिल गई है।
इसके तहत अब राज्यकर्मी दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति से जुड़ा कोई लेन-देन करते हैं, तो उन्हें तत्काल इसकी सूचना संबंधित प्राधिकारी को देनी होगी। पहले नियमावली में एक माह के मूल वेतन से अधिक की चल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होता था।
