छात्र नेता आज़म नबी आज़ाद की सक्रियता का बड़ा असर: कालसी सराडी मार्ग पर लैंडस्लाइड के बाद सीधे पीडब्ल्यूडी सेक्रेटरी को किया फोन, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप जिलाधिकारी का फोन न मिलने पर छात्र नेता ने सीधे शासन स्तर पर दी दस्तक; मौके पर पहुंचीं दो जेसीबी मशीनें, डीएम बोले– “नेटवर्क इश्यू की वजह से नहीं हो पाई थी बात।”
उत्तरकाशी से देहरादून की ओर आ रहे राहगीरों और यात्रियों के लिए कालसी सराडी मार्ग उस समय मुसीबत का सबब बन गया, जब एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। इस भारी भूस्खलन के कारण रास्ता पूरी तरह ठप पड़ा था। इसी रास्ते पर उत्तरकाशी से वापस लौट रहे प्रखर छात्र नेता आज़म नबी आज़ाद भी अपनी गाड़ी के साथ बीच रास्ते में ही फंस गए।डीएम का नहीं मिला फोन तो शासन स्तर पर खोला मोर्चाघटनास्थल पर स्थिति को बिगड़ता देख और सैकड़ों यात्रियों को बेबस पाकर आज़म नबी आज़ाद ने तुरंत राहत कार्य शुरू कराने के लिए स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट को फोन मिलाया। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते जब संपर्क स्थापित नहीं हो सका, तो आज़म ने स्थानीय स्तर पर समय गंवाने के बजाय सीधे शासन स्तर पर मोर्चा खोल दिया और पीडब्ल्यूडी सेक्रेटरी को फोन लगा दिया।फोन खड़कते ही देहरादून से लेकर कालसी तक मचा हड़कंपपीडब्ल्यूडी सेक्रेटरी को सीधे फोन मिलाने और सोशल मीडिया पर लाइव तस्वीरें पोस्ट करने का ऐसा असर हुआ कि देहरादून के प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई।

शासन से तुरंत मिले कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय एसओ और सीओ भारी पुलिस बल के साथ भागे-भागे मौके पर पहुंचे। बिना कोई देरी किए तुरंत दो बड़ी जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया गया और युद्धस्तर पर मलबे को साफ कर बंद रास्ते को दोबारा सुचारू किया गया।मामला गरमाने पर जिलाधिकारी ने दी सफाईइस पूरे घटनाक्रम के बाद जिलाधिकारी ने भी अपना पक्ष सामने रखा।

उन्होंने साफ किया कि प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है। डीएम ने बताया कि शिकायतकर्ता का कॉल आने के बाद उनकी तरफ से भी तुरंत कॉल बैक यानी जवाबी फोन किया गया था, लेकिन भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी इलाका होने की वजह से वहां नेटवर्क की भारी समस्या थी, जिसके कारण कॉल कनेक्ट नहीं हो सकी थी।उत्तरकाशी मार्ग से लौट रहे छात्र नेता आज़म नबी आज़ाद की इस सजगता और साहसी प्रयास की बदौलत बंद रास्ते को रिकॉर्ड समय में साफ करा लिया गया, जिससे वहां फंसे सैकड़ों यात्रियों ने राहत की सांस ली और अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

