निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए ग्रिड मॉनिटरिंग और लोड प्रबंधन पर जोर
ट्रिपिंग-ब्रेकडाउन पर त्वरित बहाली और वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
लखनऊ। प्रदेश में सुचारु, सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने पर लगातार जोर दे रही है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लखनऊ स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के आवश्यक आधुनिकीकरण को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
ग्रिड फ्रीक्वेंसी स्थिर रखने और ओवरलोडिंग रोकने पर जोर
निरीक्षण के दौरान रणवीर प्रसाद ने एसएलडीसी की कार्य प्रणाली, रियल टाइम ग्रिड मॉनिटरिंग, स्काडा सिस्टम और लोड प्रबंधन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सम्पूर्ण विद्युत व्यवस्था में एसएलडीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एसएलडीसी ही वह केंद्र है, जो प्रदेश के विद्युत भार (लोड) का रियल टाइम आंकलन एवं पूर्वानुमान करता है। उत्पादन केंद्रों से प्राप्त बिजली एवं वितरण निगमों की मांग के बीच संतुलन बनाता है। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी को स्थिर रखता है तथा लाइनों को ओवरलोड होने से बचाता है।
सतर्कता से लोड डिस्पैच करने के निर्देश
प्रमुख सचिव ने कहा कि ट्रिपिंग, ब्रेकडाउन की स्थिति में त्वरित रिस्टोरेशन एवं वैकल्पिक स्रोत से आपूर्ति सुनिश्चित करता है। नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर/विंड) के एकीकरण एवं ए.बी.टी. मीटरिंग का प्रबंधन करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाला एक महीना गर्मी एवं अधिक मांग के दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए पूरी सावधानी के साथ लोड डिस्पैच किया जाए। जिससे कहीं भी अनावश्यक ओवरलोडिंग व ट्रिपिंग न हो और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सके।
