PDA में पासी समाज की भागीदारी कहां’, सूरज पासी ने सपा से पूछा सवाल
देवा शरीफ को सब जानते हैं, देवा पासी को भुला दिया गया’, सूरज पासी ने उठाए सवाल

-‘संविधान खतरे में’ के नाम पर पासी समाज को बरगलाया जा रहा, पलिया में बोले सूरज पासी
-कंसा पासी के किले और शिव मंदिर के लिए विपक्षी दलों की चुप्पी पर बरसे सूरज पासी
-‘लखीमपुर में 12 लाख आबादी के बाद भी पासी समाज की आवाज उठाने वाला कोई नहीं’, सूरज पासी ने एकजुटता पर दिया जोर
-‘सनातन को जातियों में बांटने से राजनीतिक दलों को मिलती है ताकत’, बोले- लाखन आर्मी चीफ सूरज पासी*
-‘शराब से नाता तोड़िए, शिक्षा से नाता जोड़िए’, पलिया में पासी समाज को सूरज पासी का संदेश
लखनऊ । महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और उनके आराध्य भगवान शिव के मंदिर के संरक्षण एवं सुरक्षा की मांग को लेकर लाखन आर्मी का जनजागरण अभियान जारी है। इसी क्रम में लखीमपुर खीरी की पलिया विधानसभा में लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने पासी समाज से अपने गौरवशाली इतिहास को जानने, शिक्षा से जुड़ने, नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें राजनीतिक दलों से सावधान रहना होगा। ये हमें संविधान के खतरे और पीडीए के नाम पर बांटने की कोशिश करेंगे। ये कभी नहीं चाहेंगे कि पासी समाज जागे। लेकिन हमें पहले अपने समाज को आगे बढ़ाना होगा।
•शिक्षा से ही अपने महापुरुषों का गौरवशाली इतिहास जान सकेगा समाज
सूरज पासी ने कहा कि शिक्षा इसलिए जरूरी है, ताकि समाज अपने महापुरुषों और गौरवशाली इतिहास की जानकारी हासिल कर सके। पासी समाज अपनी बहादुरी और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन आज उसे अपने ही इतिहास से विमुख किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज ने अपने इतिहास की कद्र नहीं की, इसलिए उसे भुला दिया गया। सनातन में पासी समाज का अहम स्थान रहा है।
•पीडीए में पासी समाज की भागीदारी पर सपा से सवाल
सूरज पासी ने समाजवादी पार्टी की पीडीए की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि राज्यसभा में पासी समाज से कौन गया और समाजवादी पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष किसे बनाया? उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर एक ब्राह्मण को बनाया गया है। ऐसे में पीडीए की बात करने वालों को बताना चाहिए कि उसमें पासी समाज की आवाज और भागीदारी कहां है। उन्होंने नीले गमछे वालों की विचारधारा से सावधान रहने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि इस विचारधारा से जुड़े कई लोग हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति को गाली देते हैं।
•संविधान खतरे में होने के नारे पर उठाए सवाल
सूरज पासी ने चुनाव के दौरान संविधान खतरे में होने की बात उठाए जाने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही संविधान खतरे में होने का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन चुनाव बीतते ही सारे खतरे खत्म हो जाते हैं। समाज को समझना होगा कि यह उसके खिलाफ एक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि लोगों को संविधान के नाम पर बरगलाया जा रहा है और समाज को अपने इतिहास एवं सम्मान के आधार पर अपनी पहचान समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान को कोई खतरा नहीं है।
•देवा पासी को भुलाया, भाईचारे के नाम पर समाज को बांटने का आरोप
लाखन आर्मी के चीफ ने कहा कि आज देवा शरीफ को तो सभी जानते हैं, लेकिन देवा पासी को भुला दिया गया है। बाराबंकी का इलाका देवा पासी के नाम से जाना जाता था, लेकिन आज उनके इतिहास को याद नहीं किया जा रहा। सूरज पासी ने आरोप लगाया कि पासी समाज को भाईचारे के नाम पर छला जा रहा है। समाज को भाईचारे की बात समझाई जाती है, जबकि दूसरी ओर हमारी बहू-बेटियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस्लाम को बढ़ाने और सनातन को कमजोर करने के मिशन पर काम कर रहे हैं, लेकिन पासी समाज का अपना कोई मिशन नहीं रह गया है। समाज का मिशन केवल नशे में चूर रहना बनकर रह गया है और वह अपनी जड़ों से कटता जा रहा है।
•शराब से नाता तोड़ने और शिक्षा से जुड़ने की अपील
सूरज पासी ने समाज से सनातन को समझने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की अपील की। सूरज पासी ने कहा कि लखीमपुर में पासी समाज की आबादी 12 लाख से अधिक है, लेकिन समाज की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी ताकत पहचाननी होगी। उनका कहना था कि पासी समाज लंबे समय से महाराजा कंसा पासी के महल और भगवान शिव मंदिर के उद्धार के लिए प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन विपक्षी दलों का कोई नेता उसकी आवाज उठाने नहीं आया।
•विपक्षी दलों पर सूरज पासी ने लगाया पासी समाज की उपेक्षा का आरोप
सूरज पासी ने कहा कि यदि किसी मस्जिद का मामला होता तो सभी विपक्षी दल एकजुट हो जाते। लेकिन हमारे किले और मंदिर के लिए कोई दल सामने नहीं आया। इसकी वजह उन्होंने पासी समाज की आपसी बिखराव और सनातन की जड़ों से उसकी दूरी को बताया। उन्होंने समाज से स्पष्ट अपील की- शराब से नाता तोड़िए और शिक्षा से नाता जोड़िए। साथ ही कहा कि किसी शराबी को अपनी बहन-बेटी न दें।
•सनातन और भगवान राम के अपमान का मुद्दा उठाया
सूरज पासी ने कहा कि राजनीति में सनातन को जातियों में बांटकर कमजोर किया जाता रहा है। उन्होंने पुराने नारे ‘मिले मुलायम कांशीकाम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह भगवान श्रीराम और सनातन का अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर की रक्षा पासी राजाओं ने की थी। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को ऐसी बातें कहने का साहस तभी मिलता है, जब सनातन समाज जातियों में बंटा रहता है।




