
Q2FY23 में जेट एयरवेज का शुद्ध घाटा 308.24 करोड़ रुपये हो गया। 14 नवंबर को जेट ने अस्थायी रूप से अपने कुछ कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत तक की कटौती की और कुछ को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया।
जेट एयरवेज के शेयरों ने आज फिर से गोता लगाया है। जेट एयरवेज के शेयरों में पिछले तीन दिनों से लगातार गिरावट आ रही है। कंपनी द्वारा अपनी सेवा दोबारा शुरू करने के प्रयासों में बाधा आने के कारण कंपनी के शेयर की कीमत पर असर पड़ा है। बीते तीन दिन से जेट एयरवेज के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में हर दिन लोअर सर्किट पर कारोबार कर रहे हैं।
लगातार तीन कारोबारी सत्रों में स्टॉक में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। 23 नवंबर को सुबह शेयर 5 फीसदी की गिरावट के साथ 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था। यह 65.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था। नवंबर में जेट के शेयर 30 प्रतिशत गिरे हैं। अगर 2022 की बात की जाए तो जेट के शेयर अब तक 26 प्रतिशत नीचे आ गए है।
संकट में जेट एयरवेज
एयरलाइन के नए मालिक जालान-कलरॉक कंसोर्टियम ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) को भविष्य निधि (पीएफ) संगठन के पास अपील कर लगभग 250 करोड़ रुपये की ग्रेच्युटी की बकाया राशि का भुगतान करने में असमर्थता जाहिर की है। इसके बाद जेट ने कुछ कमर्चारियों को अस्थायी रूप से छुट्टी पर भेज दिया और कुछ के वेतन में कटौती की। इससे भी जेट के शेयरों का प्राइस बैंड प्रभावित हुआ।
कब शुरू होगी जेट की सेवा
ऋणदाता, जेट एयरवेज को अपने विमान बेचने के लिए कह रहे हैं। आपको बता दें कि कल विमानन सुरक्षा एजेंसी बीसीएएस ने जेट एयरवेज की विमानन सुरक्षा प्रशिक्षण सुविधाओं से अपनी मान्यता वापस ले ली। एक साल पहले की अवधि के मुकाबले जेट की कुल आय 45.01 करोड़ रुपये से गिरकर 13.52 करोड़ रुपये हो गई।
जेट एयरवेज ने दिवालिया होने के बाद अप्रैल 2019 में विमानों का परिचालन बंद कर दिया था। अक्टूबर 2020 में जालान-कलरॉक कंसोर्टियम ने जेट एयरवेज के लिए बोली जीती, लेकिन उसके बाद भी स्थिति में बहुत बदलाव नहीं हुआ।
Fark India | National Hindi Magazine Hindi Magazine and Information Portal