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अमेरिका को अफगानिस्तान की संपत्ति को जब्त करने का कोई हक नहीं :वांग यू

बीजिंग. चीन ने बुधवार को तालिबान की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें उसने अमेरिका से अफगानिस्तान की संपत्ति पर रोक न लगाने को कहा है. अफगान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी को अंतरिम सरकार को बधाई देते हुए चीनी राजदूत वांग यू ने कहा कि अमेरिका को अफगानिस्तान की संपत्ति को जब्त करने का कोई हक नहीं है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लाइजियान ने बयान दिया कि अमेरिका के पास इस संपत्तियों को जब्त करने की कोई वजह भी नहीं है. यह अफगानियों की संपत्ति है और अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार इस संपत्ति को पाने के लिए कानूनी कार्रवाई करेगी.

अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद ही आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ने सभी तरह की विदेशी मदद पर पाबंदी लगा दी थी. इतना ही नहीं, अमेरिका ने अफगानिस्तान की संपत्ति को भी फ्रीज कर दिया था. अब तालिबान के सामने देश को चलाने के लिए पैसे नहीं है. क्योंकि अफगानिस्तान लंबे समय से विदेशी आर्थिक मदद पर ही पल रहा है. काबुल की कई रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था लगभग चरमरा गई है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने भोजन और आवश्यक चीजों की आपूर्ति में तेजी लाने के वैश्विक प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए बहुत प्रयास किए हैं.
देश के प्रमुख शहरों के बाहर मौजूद तालिबान लड़ाकों को खाने के लिए काफी कम खाना मिल पा रहा है. वो ट्रकों में या कहीं जमीन पर सोते हैं. उनके पास रहने के लिए कोई घर नहीं है और वो किसी भी तरह से अपनी जिंदगी को बचा रहे हैं और तालिबान के पास पैसे नहीं हैं कि वो अपने लड़ाकों की मदद कर सके. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, स्थानीय लोग तालिबान के लड़ाकों को खाने-पीने का सामान दे रहे हैं.
पैसा निकालने की लिमिट तय की
तालिबान ने उन अफगानियों पर 200 डॉलर की निकासी की सीमा लगा दी है, जो एक शहर का दौरा करने के लिए मीलों यात्रा करते हैं और फिर नकदी पाने के लिए घंटों कतार में खड़े रहते हैं. तालिबान के अधिग्रहण के बाद से कई बैंक बंद कर दिए गए हैं और जो खुले हैं उनके पास कैश की तंगी है.

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