गो के पर्व होली के साथ-साथ आज पूरे देश में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। वहीं इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अपनी शुभकामनाएं देते हुए,भारतीय महिलाओं की अजेय भावना पर एक लेख साझा किया। इस लेख में उन्होंने कहा कि देश में जमीनी स्तर पर निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं का अच्छा प्रतिनिधित्व है, जैसे-जैसे हम ऊपर की ओर बढ़ते हैं, महिलाओं की संख्या धीरे-धीरे कम होती जाती है।’

हर महिला की कहानी मेरी कहानी: राष्ट्रपति
उन्होंने अपने लेख में महिलाओं को केंद्र में रखते हुए ढेरों बात कहीं। उनका लेख ‘हर महिला की कहानी, मेरी कहानी!’ समाज में महिलाओं की स्थिति पर आधारित है। देश में महिला सशक्तिकरण के उदाहरणों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति के लेख में कहा गया है, ’21वीं सदी में, जब हमने हर क्षेत्र में अकल्पनीय प्रगति की है, आज तक कई देशों में कोई भी महिला राज्य या सरकार की प्रमुख नहीं बन पाई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के राष्ट्रपति के रूप में मेरा चुनाव महिला सशक्तिकरण की कहानी का एक हिस्सा है।’
अनगिनत महिलाओं का राष्ट्र निर्माण में योगदान: मुर्मू
राष्ट्रपति मुर्मू ने महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज अनगिनत महिलाएं अपने चुने हुए क्षेत्र में काम कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही हैं। उन्होंने लेख में आगे विश्वास जताते हुए कहा कि समाज में व्याप्त मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है। एक शांतिपूर्ण और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए, लैंगिक असमानता पर आधारित पूर्वाग्रहों को समझना और उन्हें तोड़ना आवश्यक है।
देश में महिलाओं की भागीदारी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘यदि मानवता की प्रगति में महिलाओं को बराबर का भागीदार बनाया जाए तो हमारी दुनिया एक खुशहाल जगह होगी। भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक का ‘अमृत काल’ युवतियों का दौर होगा।
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