-अगर आपके घरमें भी गृह क्लेश है और आप इससे निजात पाना चाहते हैं, तो घर के मुख्य द्वार पर तीन मोर पंख लगाएं। वहीं, पंख लगाते समय “ॐ द्वारपालाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा” मंत्र का जाप करें। आप चाहे तो घर के मुख्य द्वार पर भी निम्न मंत्र लिख सकते हैं। इस उपाय को करने से पारिवारिक कलह दूर हो जाती है। साथ ही बुरी नजर की समस्या भी दूर हो जाती है।
-अगर आप शत्रु पर विजय पाना चाहते हैं, तो शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी के माथे से सिंदूर लेकर मोर पंख पर लगाकर प्रवाहित जलधारा में बहाएं। इस उपाय को करने से शत्रुओं से निजात मिलता है।
-घर के वास्तु दोष दूर या ठीक करने के लिए घर के आग्नेय कोण यानी दक्षिण पूर्व दिशा में मोर का पंख लगाएं। इस उपाय को करने से वास्तु दोष दूर होता है।
-घर से नकारात्मक शक्ति को दूर करने के लिए ईशान कोण में भगवान श्रीकृष्ण की चित्र और मोर पंख लगाएं। इस उपाय को करने से वास्तु दोष दूर होता है।
-सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व है। इससे व्यक्ति के भविष्य का पता चलता है। कुंडली में ग्रहों की अनुकूल दशा रहने पर व्यक्ति जीवन में तरक्की और उन्नति करता है। वहीं, प्रतिकूल रहने पर जीवन में भूचाल आ जाता है। ग्रहों के दोष को दूर करने के लिए एक मोर पंख लें। अब 21 बार ग्रह (जिससे पीड़ित हैं) मंत्र का जाप करें। इसके बाद पानी छिड़क कर ऐसी जगह पर रख दें। जहां से दिखाई न दें।
अगर आपके घर में हो रहा है गृह क्लेश, तो आप घर के मुख्य द्वार पर लगाएं ये चीज..
सनातन धर्म में वास्तु दोष का विशेष ख्याल रखा जाता है। लापरवाही बरतने से जीवन में अस्थिरता आ जाती है। साथ ही आर्थिक परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। इसके अलावा, परिवार के सदस्यों के बीच कलह की स्थिति रहती है। ज्योतिष शास्त्र में वास्तु दोष को दूर करने के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इनमें एक उपाय मोर के पंख को घर में रखना है। अगर आप भी पारिवारिक कलह से परेशान हैं और इससे निजात पाना चाहते हैं, तो मोर के पंख के ये उपाय जरूर करें। आइए जानते हैं-
-अगर आपके घरमें भी गृह क्लेश है और आप इससे निजात पाना चाहते हैं, तो घर के मुख्य द्वार पर तीन मोर पंख लगाएं। वहीं, पंख लगाते समय “ॐ द्वारपालाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा” मंत्र का जाप करें। आप चाहे तो घर के मुख्य द्वार पर भी निम्न मंत्र लिख सकते हैं। इस उपाय को करने से पारिवारिक कलह दूर हो जाती है। साथ ही बुरी नजर की समस्या भी दूर हो जाती है।
-अगर आप शत्रु पर विजय पाना चाहते हैं, तो शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी के माथे से सिंदूर लेकर मोर पंख पर लगाकर प्रवाहित जलधारा में बहाएं। इस उपाय को करने से शत्रुओं से निजात मिलता है।
-घर के वास्तु दोष दूर या ठीक करने के लिए घर के आग्नेय कोण यानी दक्षिण पूर्व दिशा में मोर का पंख लगाएं। इस उपाय को करने से वास्तु दोष दूर होता है।
-घर से नकारात्मक शक्ति को दूर करने के लिए ईशान कोण में भगवान श्रीकृष्ण की चित्र और मोर पंख लगाएं। इस उपाय को करने से वास्तु दोष दूर होता है।
-सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व है। इससे व्यक्ति के भविष्य का पता चलता है। कुंडली में ग्रहों की अनुकूल दशा रहने पर व्यक्ति जीवन में तरक्की और उन्नति करता है। वहीं, प्रतिकूल रहने पर जीवन में भूचाल आ जाता है। ग्रहों के दोष को दूर करने के लिए एक मोर पंख लें। अब 21 बार ग्रह (जिससे पीड़ित हैं) मंत्र का जाप करें। इसके बाद पानी छिड़क कर ऐसी जगह पर रख दें। जहां से दिखाई न दें।
-अगर आपके घरमें भी गृह क्लेश है और आप इससे निजात पाना चाहते हैं, तो घर के मुख्य द्वार पर तीन मोर पंख लगाएं। वहीं, पंख लगाते समय “ॐ द्वारपालाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा” मंत्र का जाप करें। आप चाहे तो घर के मुख्य द्वार पर भी निम्न मंत्र लिख सकते हैं। इस उपाय को करने से पारिवारिक कलह दूर हो जाती है। साथ ही बुरी नजर की समस्या भी दूर हो जाती है।
-अगर आप शत्रु पर विजय पाना चाहते हैं, तो शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी के माथे से सिंदूर लेकर मोर पंख पर लगाकर प्रवाहित जलधारा में बहाएं। इस उपाय को करने से शत्रुओं से निजात मिलता है।
-घर के वास्तु दोष दूर या ठीक करने के लिए घर के आग्नेय कोण यानी दक्षिण पूर्व दिशा में मोर का पंख लगाएं। इस उपाय को करने से वास्तु दोष दूर होता है।
-घर से नकारात्मक शक्ति को दूर करने के लिए ईशान कोण में भगवान श्रीकृष्ण की चित्र और मोर पंख लगाएं। इस उपाय को करने से वास्तु दोष दूर होता है।
-सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व है। इससे व्यक्ति के भविष्य का पता चलता है। कुंडली में ग्रहों की अनुकूल दशा रहने पर व्यक्ति जीवन में तरक्की और उन्नति करता है। वहीं, प्रतिकूल रहने पर जीवन में भूचाल आ जाता है। ग्रहों के दोष को दूर करने के लिए एक मोर पंख लें। अब 21 बार ग्रह (जिससे पीड़ित हैं) मंत्र का जाप करें। इसके बाद पानी छिड़क कर ऐसी जगह पर रख दें। जहां से दिखाई न दें।
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