उत्तराखंड में 44 हजार करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग से 30 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वैश्विक निवेशक सम्मेलन संपन्न होने के बाद प्रदेश सरकार ने एमओयू हुए निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की रणनीति बनाई है।
इसमें पांच करोड़ से अधिक के एमओयू के लिए निवेशमित्र तैनात किए जा रहे हैं। इसके अलावा निवेश के लिए उद्योग विभाग में उत्तराखंड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इंवेस्टर, स्टार्टटप एंड इंटरप्रिन्योरशिप (यूके स्पाइस) यूनिट बनाई गई है। वैश्विक निवेशक सम्मेलन में धामी सरकार ने 3.50 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर करार किया है।
इसमें पर्यटन एवं आतिथ्य, आयुष एवं वेलनेस, शिक्षा, स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के प्रस्ताव शामिल हैं। आठ और नौ दिसंबर को हुए निवेश सम्मेलन से पहले सरकार ने 44 हजार करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग कर दी है। इसमें 30 हजार लोगों को रोजगार को मिल सकेगा। निवेश एक-एक प्रस्ताव को धरातल पर उतारने के लिए उद्योग में विभाग में अलग से यूके स्पाइस यूनिट बनाई गई है।
जो निवेशकों के साथ संपर्क कर फीडबैक लेगी। साथ ही निवेश में आने वाली अड़चनों का समाधान करेंगे। इसके अलावा पांच करोड़ रुपये से अधिक के बड़े निवेश प्रस्ताव के लिए निवेशमित्र की तैनाती की जा रही है। अब तक 10 निवेशमित्रों का चयन किया गया है। ये निवेशमित्र निवेशकों का सहयोग करेंगे।
सम्मेलन के बाद भी सरकार को मिल रहे निवेश प्रस्ताव
वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद भी प्रदेश सरकार को एमओयू के लिए निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं। इसके अलावा जल्द ही कार्यक्रम तय कर निवेशकों के साथ करार किया जाएगा।
निवेशक सम्मेलन के दौरान जो एमओयू हुए हैं, उसका मुख्य कारण सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियां रही हैं। एमओयू प्रस्ताव को धरातल पर उतारने के लिए रणनीति से काम किया जा रहा है। निवेश प्रस्ताव पर लगातार फॉलोअप के लिए निवेशमित्र तैनात किए जा रहे हैं। -आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, मुख्यमंत्री
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