कानपुर में चकेरी इलाके में 30 दिन पहले सड़क किनारे खड़े ट्रक के नीचे फेंकी गई नवजात बच्ची ने गुरुवार रात हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई। दुधमुंही मासूम की मां की निष्ठुरता भारी पड़ गई और डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोयलानगर में राहगीरों ने 13 मार्च की शाम को सड़क किनारे एक खड़े ट्रक के नीचे कपड़े में लिपटी बच्ची को रोते हुए देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को कांशीराम अस्पताल भेज दिया। वहां पर उसकी सांस उखड़ने पर एसएनसीयू में शिफ्ट किया गया। बच्ची तीन दिन तक एसएनसीयू में ही भर्ती रही, लेकिन वहां भी हालत बिगड़ने पर उसे हैलट के बाल रोग विभाग रेफर कर दिया गया।
तब से उसका लगातार इलाज चल रहा था। चकेरी थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि बच्ची को पैदा होने के बाद कोई ट्रक के नीचे छोड़ गया था। पहचान कराने की कोशिश की गई, लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। उपचार के लिए हैलट में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची लगभग साढ़े पांच माह की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
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