भोपाल: चंदेरी में इको रिट्रीट–2025 का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इसमें चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहर, पारंपरिक बुनाई, कला और पर्यटन को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन से भेजे संदेश में कहा कि मध्य प्रदेश सरकार भी चंदेरी जैसे शिल्प केंद्रों को नई पहचान दिला रही है। उन्होंने कहा कि चंदेरी की साड़ी को मिला जीआई टैग बुनकरों के लिए बड़ी उपलब्धि है और इको रिट्रीट से उनकी आजीविका को नया बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदेरी का इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है। तीन महीनों के लिए स्थापित टेंट सिटी देश–विदेश के पर्यटकों को नए अनुभवों से भरपूर यात्रा प्रदान करेगी। इको रिट्रीट के दौरान लाइव वीविंग, हैंडलूम प्रदर्शन, बॉयर–सेलर मीट, व्यंजन मेला और लाइट–एंड–साउंड शो जैसे कार्यक्रम चंदेरी की कला और संस्कृति को वैश्विक मंच देंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। उन्होंने कहा कि चंदेरी केवल एक स्थान नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वह अध्याय है जहां इतिहास, स्थापत्य और अद्वितीय बुनाई परंपरा आज भी जीवित है। उन्होंने बताया कि चंदेरी की साड़ी अपनी पारदर्शी बुनावट और महीन जरी कढ़ाई के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
इको रिट्रीट में पर्यटक एडवेंचर स्पोर्ट्स, स्थानीय व्यंजनों, किड्स जोन और इंडोर–आउटडोर गेम्स का आनंद ले सकेंगे। कार्यक्रम में मंत्री राकेश शुक्ला, विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, ब्रजेंद्र सिंह यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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