भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस और नक्सलवाद के कथित गठजोड़ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई को कमजोर करने का प्रयास करती रही। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ लागू जीरो-टॉलरेंस नीति के कारण स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी, जो अब घटकर केवल 11 रह गई है।
बता दें, नक्सलवाद भारत में लंबे समय से एक गंभीर आंतरिक सुरक्षा की चुनौती रहा है। विभिन्न राज्यों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा, बम विस्फोट और अन्य अपराधों के मामलों के चलते केंद्र और राज्य सरकारों ने समय-समय पर सख्त कदम उठाए। 2014 के बाद मोदी सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा बलों की गतिविधियों को तेज किया और जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई, जिससे प्रभावित क्षेत्रों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुरक्षा बलों की सक्रियता और केंद्र एवं राज्यों की समन्वित कार्रवाई ने नक्सलवाद के खतरों को काफी हद तक कम किया है।
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