महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार नहीं रहे ये दुखद घटना जितनी आपके लिए शौकिंग है उतनी ही हमारे लिए भी क्योंकि सोचिए इस प्लेन क्रैश में किसी आम व्यक्ती की जान नहीं गई है। बल्कि एक ऐसे व्यक्ति की मौत हुई है जो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं और महाराष्ट्र की राजनती को लेकर अक्सर कहा जाता है कि मुबंई की राजनिती उतनी ही खतरनाक है जितनी की म्यान में रखी तलवार मुंबई की राजनीती उपर से तो शांत और सौजन्य दिखती है ।

2022 की वो घटना तो याद ही होगी जब…शिवसेना के दो टुकड़े हुए थें जिसने ये साबित कर दिया की राजनिती में स्थायी मित्र या शत्रु नहीं, केवल स्थायी हित होते हैं। जैसे ही शिवसेना के कुछ समर्थकों को ये महसूस हुआ कि पार्टी की हिंदुत्व वाली पहचान कमजोर हो रही है तो 40 समर्थकों ने जो अब शिवसेना ubt के अध्यक्ष उध्दव ठाकरे को चक्मा देकर बीजेपी में शामिल हो गए…यहीं नहीं जब 2023 में एनसीपी के संस्थापक शरद पवार भतीजे अजीत पवार को पार्टी का अध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से घोषित नहीं कर रहे थें।
तब अजीत पवार ने अपनी पहचान बनाने के लिए बीजेपी में शामिल हो गए और उन्हें महाविकास में मिला उपमुख्यमंत्री का पद , यानि की ये बात बिल्कुल सही साबित होती है कि राजनिती में कोई किसी सगा नहीं होता …वहीं पिछले कई महिनों से लगातार एनसीपी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम अजीत पवार महाविकास गठबंधन से दुरी बना रहे थें…नगर निगम 2026 के चुनाव में देखा गया कि महायुवती में शामिल पार्टी एनसाीपी महबाराष्ट्र के कुछ क्षेत्र में जैसे पुणे और पिम्परी‑चिंचवाड़ में अलग अलग उम्मीदवार उता रे थें. बाकी क्षेत्रों में बाजेपी, शिवसेना शिंदे गुट और अजीत पवार की पार्टी एनसापी एक साथ महाविकसा के रूप में लड़े थें ….तो इन सभी तथ्यों को देखते हुए ये सवाल उठना लाजमीं हा कि हो ना हो ये प्लेन क्रैश कोई हादसा नहीं बल्कि साजिश हो सकती है…. वहीं देश के लगभग सभी नेताओं ने इस घटना पर शोक व्यक किया है फिर चाहे वो प्रधानमत्री नरेदंर् मोदी हों या फिर गृह मत्रीं अमीत शाह या फिर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ या फिर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत की पर शोक व्यक्त करते हुए घटना की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करने की माांग की है। उन्होंने कहा- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की आज सुबह प्लेन क्रैश में मौत हो गई।
खबर सुनकर में गहरे सदमे में हूं। इस देश के लोगों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि देश में अब लोग और राजनीतिक नेता भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। ममता ने संकेत दिया कि अजित पवार महायुति गठबंधन से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए इस हादसे के पीछे कोई साजिश हो सकती है। उन्होंने मांग की कि इस घटना की पूरी तरह निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हालांकि DGCA समेत अन्य जांच एजेंसियां तथ्य इकठ्ठा करने में जुट गई है।
