यूपी में 10 लाख कैंसर मरीजों को संजीवनी मिलेगी। आम बजट में विभिन्न प्रावधानों से दवाएं सस्ती होंगी। दवाओं में हर माह 20 हजार रुपये तक की बचत होगी। प्रदेश में हर साल 2.5 लाख कैंसर मरीज बढ़ रहे हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर…
केंद्रीय बजट में किए गए विभिन्न प्रावधान से यूपी के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में पंजीकृत करीब 10 लाख कैंसर मरीजों को हर माह दवाओं की खरीद में 15 से 20 हजार रुपये का बचत होगी। प्रदेश में हर साल कैंसर के 2.5 लाख मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं, सात दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती होने का लाभ भी करीब 15 हजार मरीजों को मिलेगा।
जिला अस्पतालों में ट्रामा सेंटर की स्थापना होने से दुर्घटना के एक घंटे के अंदर यानी गोल्डन ऑवर में मरीजों को उपचार मिल सकेगा। अभी तक प्रदेश में हाईवे के किनारे 11 ट्रामा सेंटर चल रहे हैं। इसके अलावा चिकित्सा संस्थानों व मेडिकल कॉलेजों में ट्रामा सेंटर की सुविधा है।
लोगों को दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी होगी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स की स्थापना होने से इस क्षेत्र के लोगों को दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी होगी। वर्तमान में गोरखपुर और रायबरेली में एम्स है। आम बजट में प्रस्तावित पांच नए मेडिकल रीजनल सेंटर में एक यूपी को मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में पैरामेडिकल कोर्स अब चिकित्सा संस्थानों में चलाए जा रहे हैं। झांसी में एक संस्थान भी है। केंद्र के नवीनतम प्रस्तावों से अन्य मेडिकल कॉलेजों में आप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थिसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, अप्लाइड साइकोलोजी सहित अन्य विषयों की पढ़ाई शुरू की जा सकेगी।
दवा निर्माण कारोबार को मिलेगी गति
आम बजट में वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र की सौगात दी गई है। इससे बायोफार्मा सेक्टर में स्थानीय उत्पादन, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। कंपनियों को नवीन चिकित्सा उपकरणों व जैविक उत्पादों के निर्माण और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। इसी तरह इंडिया क्लीनिकल ट्रायल साइटों का नेटवर्क बनाए जाने से यूपी को लाभ मिलेगा। क्योंकि यहां चिकित्सा संस्थानों में क्लीनिकल ट्रायल साइटों पर काम शुरू हो चुका है।
एम्स आयुर्वेद का सपना साकार होने की उम्मीद
प्रदेश में एम्स आयुर्वेद की स्थापना के लिए वाराणसी व अन्य जिलों में जमीन तलाशी जा रही है। अब यह सपना साकार होने की उम्मीद है। आयुर्वेद संस्थान खुलने से ज्यादा से ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार होंगे और विभागवार अनुसंधान बढ़ेगा। केंद्रीय बजट में आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत करने की घोषणा की गई। इससे प्रदेश में पारंपरिक दवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय बजट में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ाना देने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश में एलोवेरा, तुलसी, सतावर आदि की खेती को और बढ़ावा मिलेगा।
