विनोद यादव
सुल्तानपुर। जिले के धनपतगंज ब्लॉक के सरैया मझौवा में चल रहीं श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ।मथुरा वृंदावन धाम से आए कथा व्यास भागवताचार्य ऋषिराज पांडेय जी महाराज ने व्यासपीठ पर विराजमान होकर भागवत कथा का श्रवण कराया।
श्रीमद्भागवत कथा में विभिन्न धार्मिक प्रसंग सुनाए गए। साथ ही भजनों की प्रस्तुति से भक्तगण आत्मविभोर होकर झूम उठे। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ।

भगवान श्रीकृष्ण के वात्सल्य व असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के समापन दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की सर्वोपरि लीला रासलीला, मथुरा गमन,दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसवध, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। कथा के समय सुदामा प्रसंग पर उन्होंने कहा कि सुदामा के पास भले ही भौतिक संपदा न थी, लेकिन कृष्ण नाम का अमूल्य धन उनके पास था. उन्होंने कभी किसी से कुछ नहीं मांगा,पत्नी सुशीला के आग्रह पर जब वे अपने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे, तब भी उन्होंने कुछ नहीं मांगा, लेकिन भगवान ने उन्हें समृद्धि से नवाजा और मन ही मन सुदामा जी योगेश्वर को याद करते हुए अपने प्रिय मित्र के दर्शन का मन में भाव करते घर से निकल पड़े…गोविंद मेरो हैं गोपाल मेरो हैं,श्री बांके बिहारी नन्दलाल मेरो हैं। यह प्रसंग भक्ति, मित्रता और समानता का अनुपम उदाहरण है।कथा के अगले चरण में कंस वध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मथुरा में आतंक फैलाने वाले कंस का अंत करने के लिए श्रीकृष्ण अपने भ्राता बलराम के साथ मथुरा पहुंचे। मल्ल युद्ध के उपरांत श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया और मथुरा को आतंक से मुक्त कराया। इसके बाद वंदना किशोरी ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाई।उन्होंने बताया कि ऋषि श्रृंगी के श्राप के अनुसार सातवें दिन तक्षक नाग ने परीक्षित को डसा, लेकिन भागवत कथा के प्रभाव से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। सात दिनों तक इस कथा में पुरा वातावरण भक्तिमय रहा।इस कथा का सात दिनों से संचालन बीड़ी सिंह के द्वारा किया जा रहा था। कथा के समापन पर उन्होंने नम आंखों से सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।कथा के समापन दिवस पर आए पूर्व मंत्री एंव विधायक विनोद सिंह , कथा आयोजक समर बहादुर सिंह , ऊषा सिंह,सुभाष सिंह ,हेमंत सिंह , अजय पाठक ,लव तिवारी,अंजनी तिवारी ,अभय सिंह ,दिनेश , शिव कुमार , सचिन सिंह , सोनू पांडेय ,विकास रावत,विजय प्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहें।
