बड़कागांव में दिनदहाड़े जेवरात लूट और गोलीबारी के विरोध में स्वर्ण व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। व्यापारियों ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की, वहीं घटना से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
हजारीबाग जिले के बड़कागांव में जेवरात दुकान में हुई दिनदहाड़े लूट की घटना के बाद स्वर्ण व्यापारियों में भारी आक्रोश है। अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और दुकानों की सुरक्षा की मांग को लेकर सोमवार को बड़कागांव बाजार पूरी तरह बंद रहा। स्वर्ण व्यापारी संघ के आह्वान पर ज्वेलर्स सहित अन्य कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं।
कैसे हुई लूट की वारदात?
जानकारी के अनुसार, 7 फरवरी को बड़कागांव दैनिक बाजार स्थित नंदिनी ज्वेलर्स की दुकान खोलने के दौरान संचालक प्रभु सोनी के हाथ से बाइक सवार तीन अपराधियों ने लगभग 22 लाख रुपये मूल्य के जेवरात लूट लिए। लूट के बाद अपराधियों ने गोलीबारी की और मौके से फरार हो गए।
ग्रामीण और व्यापारी भी हुए घायल
घटना के दौरान अपराधियों को पकड़ने का प्रयास कर रहे एक ग्रामीण सुधीर सोनी को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, इस वारदात में व्यापारी भी घायल हुए थे। दिनदहाड़े लूट और गोलीबारी की घटना से पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है।
पहले दिन भी रहा बाजार बंद
लूटकांड के विरोध में रविवार को भी बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय की सभी ज्वेलर्स और बर्तन की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान कुल 40 से अधिक दुकानों पर ताले लटके रहे, जिससे व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं।
स्वर्णकार समाज ने उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में बड़कागांव स्वर्णकार समाज के प्रखंड अध्यक्ष राम सेवक सोनी ने कहा कि स्वर्णकार समाज आज गांव, शहर, राज्य और देश में कहीं भी सुरक्षित नहीं है। अपराधियों द्वारा लगातार इस समाज को निशाना बनाए जाने से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुरक्षा और गिरफ्तारी की मांग
व्यापारियों का कहना है कि दिनदहाड़े लूट और गोलीबारी प्रशासन की विफलता को दर्शाती है और इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लूट में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। स्वर्ण व्यापारी संघ ने विरोध स्वरूप सोमवार की शाम कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है, ताकि प्रशासन का ध्यान इस गंभीर घटना की ओर खींचा जा सके।
