राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया। दोनों देशों ने जॉइंट विजन अपनाया, जो भविष्य के सहयोग का आधार बनेगा। सात एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। भारत ने 175 मिलियन डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज भी घोषित किया। दोनों देशों ने सुरक्षा, विकास और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारत और सेशेल्स के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया गया है। हेडिंग के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया और उनके सम्मान में राजकीय भोज भी दिया। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने माना कि नया साझा विजन दस्तावेज भविष्य के रिश्तों की मजबूत नींव बनेगा।
राष्ट्रपति मुर्मू और राष्ट्रपति हर्मिनी के बीच हुई बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत-सेशेल्स जॉइंट विजन ‘सस्टेनेबिलिटी, इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सिक्योरिटी थ्रू एन्हांस्ड लिंकजेस’ यानी एसईएसईएल आने वाले वर्षों में सहयोग का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित संबंध हैं। यह राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत की पहली राजकीय यात्रा भी है, जिसे दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण बताया।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध गहरे हैं। दोनों देशों के लोगों को हिंद महासागर जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सेशेल्स अपनी आजादी के 50 वर्ष मना रहा है और इसी समय दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के भी 50 साल पूरे हो रहे हैं। इसे रिश्तों के लिहाज से खास पड़ाव बताया गया। उन्होंने कहा कि भारत सेशेल्स को अपना करीबी समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद साझेदार मानता है।
महासागर विजन में सेशेल्स की अहम भूमिका
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सेशेल्स भारत के महासागर विजन में अहम स्थान रखता है। इस विजन का मकसद व्यापार, विकास, क्षमता निर्माण और पारस्परिक सुरक्षा के जरिए सहयोग बढ़ाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सेशेल्स की विकास और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहेगा। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
समझौते और एमओयू पर हस्ताक्षर
इस यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने एसईएसईएलय जॉइंट विजन को औपचारिक रूप से अपनाया। साथ ही स्वास्थ्य, समुद्री सहयोग, डिजिटल परिवर्तन, क्षमता निर्माण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। कुल सात एमओयू साइन हुए। दोनों देशों ने माना कि इन समझौतों से सहयोग का दायरा और गहरा होगा और संस्थागत स्तर पर तालमेल बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा और आर्थिक पैकेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच भी व्यापक बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2025 के चुनाव में जीत पर हर्मिनी को बधाई दी। भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया। इसमें 125 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट और 50 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता शामिल है। यह पैकेज स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, शिक्षा, रक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गति देगा।
दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है। समुद्री पड़ोसी होने के कारण सुरक्षा और विकास के कई साझा हित हैं। इस यात्रा के दौरान हुए फैसलों और घोषणाओं से द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई। दोनों देशों ने आगे भी नियमित संवाद और सहयोग बढ़ाने पर सहमति दी।
