उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने काशीपुर में खनन कार्य में लगे तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों को “चलती-फिरती मौत” बताते हुए कहा कि इन लगातार हो रही मौतों की सीधी जिम्मेदारी राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस विभाग की है।
ओवरलोड डंपर बन चुके हैं ‘मौत की मशीनें’ – यशपाल आर्य
उन्होंने कहा कि सोमवार को काशीपुर क्षेत्र के ढकिया नंबर-1 स्थित शिवनगर ग्राम में एक ग्रामीण की खनन वाहन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। बीते दो-तीन दिनों में ढकिया, कुंडेश्वरी, कुण्डेश्वरा और ब्रह्मनगर क्षेत्रों में खनन वाहनों से पांच निर्दोष नागरिकों की अकाल मृत्यु हो चुकी है। यशपाल आर्य ने तीखे शब्दों में कहा कि “काशीपुर में जिस रफ्तार से लोग मर रहे हैं, उतनी मौतें अब युद्ध या प्राकृतिक आपदा में भी नहीं होतीं। यह हादसे नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हो रही जनहत्याएं हैं।”
सरकार और प्रशासन जनहत्याओं के जिम्मेदार- यशपाल आर्य
ओवरलोड डंपरों से उत्पन्न प्रमुख मुद्दे:
जनहानि: तेज रफ्तार और क्षमता से अधिक माल ले जा रहे डंपरों से हो रही दुर्घटनाओं के कारण निर्दोष लोगों की मौत हो रही है।
प्रशासनिक विफलता: इन घटनाओं को केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की विफलता माना जा रहा है।
नियमों का उल्लंघन: भारी वाहन (14-टायर वाले – 25 टन, 12-टायर – 15 टन, आदि) नियमों का उल्लंघन कर क्षमता से अधिक भार ले जा रहे हैं, जबकि कई मामलों में चालान भी किए जा रहे हैं।
सुरक्षा में कमी: ओवरलोडिंग के साथ-साथ तेज गति, नशा और लापरवाही के कारण ये वाहन सड़कों पर काल बनकर दौड़ रहे हैं।
आक्रोश: घटनाओं के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है, साथ ही परिजनों पर केस वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने इन ओवरलोड डंपरों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और सख्त निगरानी करने की मांग की है, अन्यथा जन आंदोलन की चेतावनी दी है।
माताओं की गोद सूनी हो रही है – यशपाल आर्य
उन्होंने आरोप लगाया कि“ रोज किसी न किसी घर का चिराग बुझ रहा है, बच्चों के सिर से पिता का साया उठ रहा है लेकिन सरकार और प्रशासन सत्ता की कुर्सी पर बैठकर गहरी नींद में सोए हुए हैं।”नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि “तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों से हो रही मौतें उत्तराखंड सरकार की पूरी तरह विफल और संवेदनहीन कार्यशैली को उजागर करती हैं। आज आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है।”उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल ओवरलोड डंपरों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया, खनन वाहनों पर सख्त निगरानी नहीं हुई, ट्रैफिक नियमों को कड़ाई से लागू नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क से सदन तक बड़ा जनआंदोलन छेड़ेंगे और सरकार को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
