राजधानी में उम्र पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर तेज होने जा रही है। परिवहन विभाग ने सार्वजनिक स्थानों पर खड़े या चलते पाए जाने वाले ऐसे वाहनों को जब्त करने की चेतावनी दी है। विभाग ने हाल में जारी परामर्श में साफ किया है कि 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन नियमों के तहत कार्रवाई की जद में आएंगे, विशेषकर बीएस-तीन व उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले वाहन।
मालिकों को विकल्प दिया गया है कि वे एनसीआर से बाहर पंजीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लें या अधिकृत केंद्रों पर वाहन स्क्रैप करा दें। अन्यथा बिना अतिरिक्त सूचना के वाहन उठाए जा सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार 2018 के बाद से आठ लाख से ज्यादा वाहन एनओसी लेकर अन्य राज्यों में स्थानांतरित हुए हैं, जबकि करीब 80 हजार वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं।
इसी अवधि में लगभग 61 लाख वाहनों का पंजीकरण निरस्त किया गया। गौरतलब है कि पूर्व में मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित रहने के कारण कार्रवाई ठहरी हुई थी। अब विभाग की सक्रियता से वाहन मालिकों में संशय भी है। परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि बीएस-चार श्रेणी के 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति न बने। ब्यूरो
