बिहार के औरंगाबाद जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने मदनपुर थाना क्षेत्र के पिछुलिया-गोबरदाहा पहाड़ी इलाके से 01 बेहद शक्तिशाली प्रेशर आईईडी बरामद की।
बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पुलिस सप्ताह के एक कार्यक्रम में राजधानी पटना में दावा किया था कि राज्य में नक्सलियों का खात्मा हो चुका है और अब साइबर अपराध से निपटना चुनौती है। हालांकि, इसके अगले ही दिन उप मुख्यमंत्री के दावे को झटका लगा और नक्सलियों की उपस्थिति झारखंड की सीमा से सटे औरंगाबाद जिले में दर्ज की गई। सोमवार को पुलिस ने मदनपुर थाना क्षेत्र के पिछुलिया-गोबरदाहा पहाड़ी इलाके से बेहद शक्तिशाली प्रेशर आईईडी बरामद किया। बरामद आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया और मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई।
नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस को सफलता
औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने बताया कि नक्सलियों के पूर्ण सफाए के लिए जिले में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान पुलिस को यह सफलता मिली। 01 शक्तिशाली प्रेशर आईईडी विस्फोटक बम बरामद किया गया और नक्सलियों के मंसूबे को नाकाम कर दिया गया। पुलिस का मानना है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए यह आईईडी प्लांट किया था। यदि सुरक्षा बल इसके दायरे में आते तो कोई अनहोनी हो सकती थी, लेकिन पुलिस की तत्परता और सुझबुझ से इसे टाल दिया गया।
बिहार पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और औरंगाबाद पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान खुफिया इनपुट मिला कि मदनपुर थाना क्षेत्र के पिछुलिया-गोबरदाहा पहाड़ी इलाके में नक्सलियों ने शक्तिशाली प्रेशर आईईडी प्लांट किया है।
इस इनपुट के आधार पर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान 01 बेहद शक्तिशाली प्रेशर आईईडी बम बरामद किया गया और यथावत स्थान पर सुरक्षात्मक तरीके से नष्ट कर दिया गया।
नक्सलियों का गिरा हुआ मनोबल
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बिहार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा लगातार की जा रही संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों का मनोबल काफी गिरा हुआ है। इलाके में कहीं भी नक्सली दिखाई नहीं दे रहे हैं। नक्सली गतिविधियों पर अंकुश के लिए सघन छापेमारी अभियान लगातार जारी है और यह आगे भी जारी रहेगा।
