विधान परिषद के सदस्य डॉ. निर्मल का राहुल गांधी पर हमला
‘राहुल को नेहरू व कांशीराम की वैचारिकी का अन्तर ही नहीं मालूम’
नेहरू जातीय आरक्षण के धुर विरोधी थे…
जबकि कांशीराम जी इसके कट्टïर समर्थक रहे..
कांशीराम जी की नेहरू से तुलना करना गलत…
लखनऊ। यूपी अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व चेयरमैन व विधान परिषद सदस्य डॉ. निर्मल ने कहा कि राहुल गांधी को नेहरू और कांशीराम जी की वैचारिकी का अन्तर ही नहीं मालूम है। डा. निर्मल ने कहा कि कांशीराम जातीय आरक्षण के प्रबल समर्थक थे जबकि नेहरू जातीय आरक्षण के धुर विरोधी थे। पंडित नेहरू ने 27 जून 1961 को मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में साफ लिखा था कि वे आरक्षण को पसन्द नहीं करते इससे सरकारी कामकागज की दक्षता प्रभावित होगी और दोयम दर्जे का समाज बनेगा।
डॉ. आंबेडकर और कांशीराम दोनों को कांग्रेस को पसन्द नहीं करती थी- डॉ. निर्मल
डॉ. निर्मल ने कहा कि पंडित नेहरू तो डॉ. आंबेडकर को अपने मंत्रिमंडल में रख ही नहीं पाए वे कांशीराम को क्या मुख्यमंत्री बनाते। कांग्रेस ने न तो डॉ. आंबेडकर का सम्मान किया और न ही मान्यवर कांशीराम का। उनके निधन पर कांग्रेस ने कोई राष्ट्रीय शोक तक की घोषणा नहीं की। राहुल गांधी को यह जान लेना चाहिए डॉ. आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम दोनों कांग्रेस को पसन्द नहीं करते थे और देश का दलित भी उन्हें इंकार कर चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा यह कहना कि नेहरू जी के दौर में कांशीराम होते तो वे उन्हें मुख्यमंत्री बना देते नितान्त अनुचित और अनर्गल प्रलाप है।
